बिलासपुर

बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, जगदलपुर और अंबिकापुर के सेंट्रल जेल में बंद 121 कैदियों को किया जाएगा रिहा

बिलासपुर

पांच सेंट्रल जेल में उम्र कैद की सजा काट रहे 121 कैदियों को रिहा किया जाएगा। इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण(CGSLSA) ने रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर और अंबिकापुर सेंट्रल जेल के कैदियों का चयन किया गया है। CGSLSA ने कैदियों को कानूनी सहायता भी देगा। CGSLSA ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद समय पूर्व कैदियों की रिहाई का फैसला लिया है। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने “उन्मुक्त” अभियान के तहत राज्य भर से समय पूर्व रिहाई के लिए कैदियों की पहचान की है। इनमें केंद्रीय जेल रायपुर से 28 , केंद्रीय जेल बिलासपुर से 40 , केंद्रीय जेल दुर्ग से 15 , केंद्रीय जेल जगदलपुर से 16 और अंबिकापुर से 22 कैदियों के नाम शामिल हैं। इसमें पहले चरण में CGSLSA ने कैदियों का नाम सिलेक्ट किया है। इसके बाद दूसरे चरण में जेल अधिकारी CGSLSA के समन्वय से कैदियों के डॉक्यूमेंट्स को इकट्ठा करने का काम पूरा करेंगे। यदि किसी कैदी की धारा 432 (2) , CRPC के तहत आवेदन न्यायालय की राय के लिए लंबित है, तो संबंधित DLSA की सहायता से अपेक्षित राय भी प्राप्त की जाएगी। वहीं तीसरे चरण में चिन्हित मामलों को सभी संबंधित अधिकारियों की सिफारिशों के लिए भेजा जाएगा। अंतिम चरण में राज्य सरकार द्वारा कैदियों की रिहाई के बारे में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। CGSLSA उन लोगों को भी आवश्यक कानूनी सहायता देगा, जिनके रिलीज आवेदन खारिज कर दिए गए थे। छत्तीसगढ़ राज्य में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार यह अभियान शुरू किया गया है, जिसमें कोर्ट ने लंबी सजा काट रहे कैदियों को रिहा करने 1 अगस्त 2021 से पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए तीन राज्यों छत्तीसगद , उत्तर प्रदेश और बिहार को चुना है।

Related Articles