छत्तीसगढ़

कांकेर के सरकारी अस्पताल में मोबाइल की रोशनी में इलाज, CMHO ने कहा- जनरेटर स्टार्ट करने का नहीं मिला टाइम

कांकेर

भानुप्रतापपुर में एक युवती ट्रेन से गिरकर घायल हो गई. उसे इलाज के लिए सरकारी अस्पताल लाया गया. जिस समय घायल लड़की अस्पताल पहुंची उस समय बिजली गुल थी. जिससे युवती का इलाज डॉक्टरों को मोबाइल की रोशनी में करना पड़ा.

सरकारी अस्पताल में मोबाइल की रोशनी से इलाज: मामले ने तूल पकड़ा तो CMHO अविनाश खरे सामने आए. उन्होंने कहा कि “सोलर पैनल में खराबी के कारण अस्पताल में बिजली चली गई थी. इस वजह से उस समय युवती का इलाज मोबाइल की रोशनी में करना पड़ा. सोलर पैनल ठीक कर लिया गया है. अब अस्पताल में बिजली की पूरी व्यवस्था है. अस्पताल में इस तरह से इलाज करने पर स्टाफ को फटकार भी लगाई गई हैं .”

युवती जब अस्पताल में इलाज के लिए पहुंची तो तब लाइट गोल थी. उस दौरान जनरेटर स्टार्ट करने का समय नहीं मिला. युवती को मामूली खरोच थी. इस वजह से मोबाइल की रोशनी में मरहम पट्टी की गई. इस मामले की जांच की जा रही है. जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.- अविनाश खरे, CMHO

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अस्पताल में अव्यवस्था की होनी चाहिए जांच: भाजपा मंडल अध्यक्ष नरोत्तम चौहान ने कहा “अस्पताल में दो दो जनरेटर लगे हुए हैं. सोलर पैनल में खराबी आने पर उन्हें चालू नहीं किया गया. इसकी जांच होनी चाहिए. कई बार इसके संबंध में उच्च अधिकारियों से शिकायत की गई है इसके बावजूद अस्पताल में अव्यवस्था है.”

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