छत्तीसगढ़

सक्ती जिले का सबसे बड़ा मुआवजा, मृतक के परिजनों को 1.58 करोड़ का मुआवजा, सड़क हादसे में हुई थी महिला-बाल विकास अधिकारी की मौत

सक्ती : जिले में प्रथम अपर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने एक सड़क हादसे के मामले में अहम फैसला सुनाया है। पीठासीन अधिकारी प्रशांत शिवहरे ने जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी के परिवार को 1 करोड़ 58 लाख 26 हजार 488 रुपए का मुआवजा दिया है।

घटना 28 अगस्त 2024 की है। कांकेर जिले में पदस्थ अधिकारी हरिकीर्तन राठौर धमतरी से बस में सवार होकर कार्यालय जा रहे थे। नेशनल हाईवे 30 पर मरकाटोला घाटी के पास सुबह 10 बजे बस की एक ट्रक से टक्कर हो गई। बस चालक की लापरवाही से हुई इस घटना में राठौर को गंभीर चोटें आईं।

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राठौर को पहले धमतरी अस्पताल और फिर रायपुर के रामकृष्ण अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। थाना पुरुर, जिला बालोद में इस मामले में केस दर्ज किया गया।

मृतक की पत्नी और बच्चों ने बीमा कंपनी के खिलाफ मुआवजे का दावा किया। अधिकरण ने पाया कि दुर्घटना बस चालक की लापरवाही से हुई। बस बीमित होने के कारण बीमा कंपनी को मुआवजा देने का आदेश दिया गया।

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अधिकरण ने मृतक की 45 साल की उम्र और 1,11,764 रुपए की मासिक आय के आधार पर मुआवजे की राशि तय की। यह सक्ती न्यायालय क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा मुआवजा है।

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