छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ ने खोया होनहार पुलिस अफसर : राज्य पुलिस सेवा में आने से पहले बैंक अधिकारी थे ASP आकाश गिरपुंजे

रायपुर। कोंटा में सोमवार को नक्सलियों के आईईडी विस्फोट में एएसपी आकाश राव गिरपुंजे के शहीद होने से प्रदेशभर में मातम छा गया है. आकाश होनहार पुलिस अफसर थे. उन्हें मानपुर-मोहला में बेहतर पुलिसिंग के लिए विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है. वे पहले यूको बैंक के अफसर थे, फिर बाद में राज्य पुलिस सेवा में आए.

आकाश की पत्नी स्नेहा अपने दोनों बच्चों के साथ छुट्टी में पवनी (महाराष्ट्र) मायके गई थी. एएसपी की बेटी का 11 जून को जन्मदिन है और वो एक-दो दिनों में रायपुर आने वाले थे. इस बची आज आकाश गिरपुंजे शहीद हो गए. हफ्तेभर पहले ही बेटे का जन्मदिन मनाने रायपुर आया था. परिवार के साथ यही मुलाकात उनकी आखिरी मुलाकात बन गई.

चंगोराभाठा के पास पीएस सिटी कॉलोनी रहवासी कारोबारी गोविंद राव गिरपुंजे के दो बेटों में से आकाश राव गिरपुंजे बड़े बेटे थे. अपने परिवार और दोस्तों के बीच अक्कू के नाम से जाने जाते थे. उनके चाचा बसंत राव गिरपुंजे दो बार कांग्रेस के पार्षद रहे हैं. सुबह करीब 9 बजे गोविंद राव को पुलिस ने नक्सल विस्फोट में आकाश के घायल होने की सूचना दी. इसके बाद आकाश के चाचा पूर्व पार्षद बसंत राव गिरपुंजे और नरेन्द्र राव उनके घर पहुंचे. थोड़ी देर बाद उनके शहीद होने की सूचना आई. इसके बाद से इलाके में मातम पसर गया. रिश्तेदार, मित्र, नेता सभी उनके घर पहुंचकर सांत्वना दे रहे.

See also  मिड डे मील बनाने वालों के बुझे चूल्हे,  2 की हुई मौत, सरकार ने 500 रुपए बढ़ाने का दिया भरोसा, संघ ने कहा, ''मरेंगे हटेंगे नहीं''

हफ्तेभर पहले बेटे का मनाया था जन्मदिन

ASP आकाश राव गिरीपुंजे हफ्तेभर पहले ही अपने घर रायपुर आए थे. इस दौरान उन्होंने अपने बेटे का जन्मदिन भी मनाया, लेकिन परिवार के साथ यह मुलाकात उनकी आखिरी मुलाकात बन गई. बेटी के जन्मदिन से पहले ही वे वीरगति को प्राप्त हो गए. कल महादेव घाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

See also  मार्च में प्रवासी छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव : रायपुर में जुटेंगे विभिन्न देशों में बसे छत्तीसगढ़ के रहवासी, NACHA के सहयोग से होगा आयोजन

वामपंथ उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में दी अपनी सेवाएं

42 वर्षीय आकाश राव गिरपुंजे रायपुर जिले के निवासी थे और 2013 बैच के सीधी भर्ती डीएसपी थे. वे वर्ष 2024 से कोन्टा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में सेवा दे रहे थे. वे छत्तीसगढ़ पुलिस के सबसे साहसी योद्धाओं में से एक थे, जिन्होंने मानपुर-मोहला और सुकमा जैसे वामपंथ उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दीं.

छत्तीसगढ़ में यह तीसरी घटना

छत्तीसगढ़ में यह तीसरी और बस्तर की दूसरी घटना है, जिसमें एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारी शहीद हुए हैं. 2001 में एडिशनल एसपी भास्कर दीवान शहीद हुए थे. 2011 में राजेश पवार गरियाबंद IED ब्लास्ट में शहीद हुए. वहीं अब 2025 में ASP आकाश राव सुकमा के कोंटा में IED ब्लास्ट में वीरगति को प्राप्त हो गए.

See also  SECL खदान में 170 फीट नीचे गिरने से ग्रामीण की मौत, कोयला चोरी के दौरान हुआ हादसा

सर्चिंग के दौरान हुआ IED ब्लास्ट

बता दें, ASP आकाश राव गिरपून्जे आज यानि 9 जून को सुबह उप पुलिस अधीक्षक कोन्टा भानुप्रताप चंद्राकर, निरीक्षक सोनल गवला और अन्य जवानों के साथ क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा वाहन जलाने की घटना की जांच करने पैदल गश्त पर निकले थे. इस दौरान कोन्टा-एर्राबोरा मार्ग पर डोंड्रा के पास IED विस्फोट की चपेट में आने से आकाश समेत अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए. ASP आकाश राव के साथ-साथ भानुप्रताप चंद्राकर (अनुविभागीय पुलिस अधिकारी, कोन्टा) और निरीक्षक सोनल गवला (थाना प्रभारी, कोन्टा) भी इस घटना में घायल हुए. सभी घायलों को प्रारंभिक उपचार के लिए कोंटा अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के दौरान ASP आकाश राव शहीद हो गए. शहीद आकाश गिरपुंजे का पार्थिव शरीर और घायल जवानों को रायपुर लाया गया.

Related Articles

Leave a Reply