छत्तीसगढ़

साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़: 8,65,16,376 के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा, पुलिस ने 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार

खैरागढ़। जिले की साइबर क्राइम शाखा ने एक बड़े ऑनलाइन ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल से प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र, खैरागढ़ शाखा में मौजूद तीन खातों में ₹8,65,16,376 के संदिग्ध लेनदेन का पता लगाया। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

जांच में सामने आया कि यज्ञदत्त यादव (29), भोजराम वर्मा (29) और नारद रजक (28) नाम के तीन युवक अपने बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे। इसके बदले में उन्हें मामूली कमीशन मिलता था। पुलिस ने आरोपियों को दबिश देकर गिरफ्तार किया और पूछताछ में उन्होंने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।

See also  रीलबाजी पड़ी महंगी : सुसाइड का नाटक करते हुए वीडियो बनाते समय फिसला पैर, नवविवाहिता की गई जान

मामले में आईटी एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड तक पहुँचने और यह पता लगाने में जुटी है कि कितने लोग इस गिरोह से जुड़े हुए हैं।

साइबर ठगी से बचाव के आसान उपाय

साइबर ठग आजकल बहुत चालाक हो गए हैं और आम लोगों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सबसे जरूरी है अपने बैंक खाते और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा।

  • कभी भी अपने खाते, एटीएम, ओटीपी, पिन या केवाईसी विवरण किसी के साथ साझा न करें।
  • यदि कोई व्यक्ति पैसे कमाने, कमीशन देने या खाता इस्तेमाल करने की बात करे, तो उसे तुरंत ब्लॉक कर दें।
  • बैंक और सरकारी संस्थान कभी भी ओटीपी या खाता नंबर सीधे नहीं मांगते।
  • संदिग्ध गतिविधियों या ठगी के प्रयासों की सूचना तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें।
See also  भिलाई की युवती की राजनांदगांव के रिसॉर्ट में मिली लाश, साथी हुए फरार, जांच में जुटी पुलिस…

Related Articles

Leave a Reply