छत्तीसगढ़

झोपड़ी में जिंदा जलकर बुजुर्ग महिला की मौत: ठंड से बचने के लिए जलाई थी अलाव

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के सुहेला क्षेत्र से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां कड़कड़ाती ठंड रात में गर्मी पाने की कोशिश कर रही एक 55 वर्षीय बुजुर्ग महिला की ज़िंदगी आग की लपटों में समा गई।

मिली जानकारी के अनुसार, मृत बुजुर्ग महिला आशा बाई कबाड़ बीनकर अपना गुज़ारा करती थीं, सुहेला–हथबंध मेन रोड किनारे एक छोटी-सी झोपड़ी में अकेले जीवन बिता रही थीं। बुजुर्ग महिला आशा का जीवन गरीबी और अकेलेपन में बीत रहा था। वह ठंड से बचने के लिए अपनी झोपड़ी में अलाव जला कर सो रही थी, लेकिन उसी अलाव ने उनकी सांसें छीन लीं।

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अलाव से लगी झोपड़ी में आग
रात के सन्नाटे में जलती छोटी-सी आग कब झोपड़ी की सूखी झिल्ली और लकड़ियों को निगलने लगी, किसी को पता ही नहीं चला। कुछ ही पलों में आग ने पूरी झोपड़ी को अपने कब्जे में ले लिया। बेबस बुजुर्ग महिला लपटों के बीच फंस गईं और बाहर निकल भी नहीं सकीं। उनकी दर्दनाक चीखें सुनने वाला वहां कोई नहीं था। सुबह 4 दिसंबर 2025 को सूचना मिलते ही सुहेला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। प्रथम दृष्टया जांच में यह साफ हुआ कि, अलाव से ही झोपड़ी में आग लगी और वहीं महिला की मौत का कारण बना। पुलिस मामले की जांच और तस्दीक में जुटी हुई है।

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