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बंद नहीं होगा दो वर्षीय बीएड : इसे संचालित करने के लिए जरूरी होगा बीए-बीकॉम पढ़ाना

रायपुर। दो वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम बंद नहीं होंगे। ये चार वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम के साथ-साथ संचालित होते रहेंगे, लेकिन महाविद्यालयों में इसके संचालन के लिए बीएड संग बीए, बीकॉम, बीएससी की कक्षाएं भी संचालित करनी होगी। अर्थात उन्हीं महाविद्यालयों में दो वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम का संचालन किया जा सकेगा, जहां बीए, बीकॉम, बीएससी अथवा इनके समकक्ष अन्य विषयों की पढ़ाई होती हो। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत ये बदलाव किए जा रहे हैं।

दरअसल,  एनईपी के अंतर्गत नए नियम बनाने के पूर्व कई कमेटी बनाई गई थी। इनसे रिपोर्ट भी मांगी गई थी। बीएड व डीएलएड महाविद्यालयों की भी रिपोर्ट तैयारी की गई। इस रिपोर्ट में यह कहा गया कि ऐसे कॉलेज जहां सिर्फ बीएड अथवा डीएलएड पाठ्यक्रम का संचालन हो रहा है, वे पढ़ाई को लेकर गंभीर नहीं हैं।

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एक वर्षीय, दो वर्षीय और चार वर्षीय पाठ्यक्रम 

नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजूकेशन अर्थात एनसीटीई ने कुछ दिनों पूर्व ही एक वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की घोषणा की है। इसे 2014 में बंद कर दिया गया था। अब इसे शैक्षणिक सत्र 2025-26 से दोबारा प्रारंभ किया जाएगा। चार वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम पहले ही प्रारंभ किया जा चुका है। दो वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम भी यथावत रखा जाएगा। इस तरह से छात्रों को अब एक वर्षीय, दो वर्षीय और चार वर्षीय पाठ्यक्रम के विकल्प मिलेंगे। तीनों ही पाठ्यक्रम में प्रवेश के नियम अलग-अलग रखे गए हैं। एक वर्षीय बीएड में स्नातक की पढ़ाई करने वाले छात्र, दो वर्षीय बीएड में चार साल का ग्रेज्यूएशन करने वाले स्टूडेंट तथा चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड में बारहवीं के आधार पर विद्यार्थियों को प्रवेश मिल सकेगा।

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बंद होंगे अधिकतर महाविद्यालय 

छत्तीसगढ़ में बीएड कॉलेजों की संख्या 136 है। इनमें से अधिकर महाविद्यालयों में केवल बीएड अथवा डीएलएड पाठ्यक्रम का ही संचालन होता है। 2030 तक इन महाविद्यालयों को अपने कैंपस में बीए, बीकॉम अथवा बीएससी जैसे पाठ्यक्रम शुरू करने होंगे अथवा अपने संस्थान को बंद करना होगा। एनसीटीई ने नए पाठ्यक्रम, प्रवेश पात्रता सहित अवधि व अन्य जानकारियां संस्थानों को प्रेषित कर दी है।

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