छत्तीसगढ़

फिर उठी अलग राज्य की मांग: बनाया गया ‘बस्तर स्वराज संगठन’, मेंबर्स बोले- अब उपेक्षा मंजूर नहीं

जगदलपुर। बस्तर संभाग को पृथक राज्य का दर्जा देने की लंबे समय से चल रही मांग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। धीमी विकास रफ्तार, बुनियादी सुविधाओं की कमी और लगातार संसाधनों के भारी दोहन से परेशान क्षेत्रवासियों ने अब एक मजबूत जनआंदोलन की शुरुआत कर दी है।

इसी क्रम में शनिवार को शहीद पार्क में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से ‘बस्तर स्वराज संगठन’ के गठन की घोषणा की गई। जहाँ बैठक का संदेश साफ़ रहा कि, अब बस्तर उपेक्षा, असमान विकास और प्रशासनिक विफलता को स्वीकार नहीं करेगा।

See also  रायपुर में प्लास्टिक फैक्ट्री में भीषण आग, पूरा गोदाम चपेट में; दमकल की 5 गाड़ियां मौके पर, काबू पाने की कोशिश जारी

‘संसाधन जा रहे, विकास नहीं’- क्षेत्रवासियों की पीड़ा
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने कहा कि-

  • बस्तर से रोजाना करोड़ों का लौह अयस्क बाहर जा रहा है
  • लेकिन स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं
  • उद्योग नहीं लग रहे, न ही ढांचागत विकास हो रहा
  • विशाल क्षेत्र होने के बावजूद प्रशासनिक पहुँच सीमित
  • योजनाएँ कागज़ पर रह जाती हैं, जमीन पर काम नहीं
  • पलायन और बेरोज़गारी बढ़ती जा रही है

सदस्यों ने यह भी कहा कि जनजातीय संस्कृति और परंपराओं पर बाहरी दबाव बढ़ रहा है, जिन्हें संरक्षण की सख्त आवश्यकता है।

See also  छत्तीसगढ़ में कांपी धरती : गरियाबंद से कालाहांडी तक महसूस किए गए भूकंप के झटके

‘यह संघर्ष राजनीतिक नहीं, अस्मिता और अधिकार का है’
कार्यक्रम में स्पष्ट रूप से कहा गया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि बस्तर की अस्मिता, अधिकार और स्वाभिमान के लिए है।साथ ही संगठन ने कहा कि बस्तर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक जरूरतों को समझकर बनाई गई नीतियाँ ही क्षेत्र का वास्तविक विकास कर सकती हैं। इसलिए पृथक बस्तर राज्य अब समय की मांग है।

See also  असम में छत्तीसगढ़ के 4 पुलिसकर्मी हिरासत में, साइबर आरोपियों से रिश्वत लेकर छोड़ने का आरोप

अब बस्तर अपनी दिशा स्वयं तय करेगा
संगठन ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस जनआंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यक्रम में संदेश एक ही था कि ‘बस्तर अब अपनी उपेक्षा को स्वीकार नहीं करेगा।’

बैठक में उपस्थित सदस्य
कार्यक्रम में रोहित सिंह आर्य, प्रदीप गुहा, नरेंद्र भवानी, बिजली बैध, नीलम कुशवाहा, लखपाल सिंह, गणेश राव, मितेश पानीग्रही, रंगाधार बाघ, सूर्यपाल शर्मा, बाबला यादव, आदर्श चंद, संतोष श्रीवास्तव, कृष्णा नायक सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply