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जांजगीर में फर्नीचर संस्थान हादसे के बाद उबाल, परिजनों का चक्काजाम, यातायात ठप

जांजगीर शहर के नेताजी फर्नीचर संस्थान में काम के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में एक युवक की मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है। हादसे से आक्रोशित मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर नेताजी चौक पर चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम के कारण क्षेत्र का यातायात पूरी तरह ठप हो गया और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इससे राहगीरों, स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रदर्शन कर रहे परिजनों का आरोप है कि यह हादसा फर्नीचर संस्थान संचालक की गंभीर लापरवाही के कारण हुआ है। उनका कहना है कि कार्यस्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे, जिसके चलते युवक की जान चली गई। परिजनों ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा और उसके बच्चों की पूरी पढ़ाई का खर्च सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और सामाजिक लोग जुटे हुए हैं, जो नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।

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स्थिति की जानकारी मिलते ही जांजगीर थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया और शांति बनाए रखने की अपील की। वहीं प्रशासन द्वारा फर्नीचर संस्थान प्रबंधन और मृतक के परिजनों के बीच बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर संभव प्रयास किया जा रहा है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और यातायात व्यवस्था सामान्य हो सके।

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चक्काजाम के चलते उत्पन्न स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों से वाहनों को डायवर्ट किया है। अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। हालांकि समाचार लिखे जाने तक चक्काजाम जारी था और क्षेत्र में तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में स्थिति बनी हुई थी।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं बार-बार हो रही हैं, लेकिन जिम्मेदार संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि हादसे की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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