छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़: नाबालिग बनी कुआंरी मां…नवजात को बेच दी नानी…

पुलिस ने पीडि़ता की मां और खरीददार को किया गिरफ्तार

अंबिकापुर
जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली सनसनी खेज मामला सामने आया है जहां सप्ताह भर के दुधमुहे बच्चे को 70 हजार रुपए के लिए उसकी नानी ने ही बेच दिया। इस मामले में सबसे बड़ा पेच यहं है कि इस बच्चे की मां भी 14 साल की नाबालिग है। उसके साथ जिस युवक ने संबंध बनाया था, वह फरार है। पुलिस ने इस मामले में दो अलग-अलग मामला दर्ज किया है। पहले मामले में पुलिस ने बच्चें को बेचने वाली नानी और खरीदार को गिरफ्तार कर लिया है।

पूरा मामला कुछ इस प्रकार से है लुंड्रा की रहने वाली पीडि़ता ने 30 जून को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में बच्चे को जन्म दिया, इस दौरान उसकी मां संतोषी बाई भी उसके साथ थी। चूंकि नाबालिग की डिलीवरी मेजर ऑपरेशन से हुई थी। इसलिए नाबालिग का इलाज अस्पताल में ही किया जा रहा था। इस बीच अस्पताल में ही रोशन की पत्नी की भी डिलीवरी हुई थी और उसकी पत्नी ने लगातार 5वीं बच्ची को जन्म दिया था। इस बात से सूरजपुर निवासी रोशन परेशान था। इसके बाद रोशन और संतोषी बाई को संपर्क हुआ और संतोषी ने बच्चे को बेचने 70 हजार रुपए में सौदा तय कर दिया। फिर बच्चे को रोशन को बेच दिया।

इधर ऑपरेशन की वजह से नाबालिग की हालत गंभीर थी, लेकिन उसकी हालत जैसी ही ठीक हुई उसने अपने बच्चे के बारे में पूछना शुरू किया तो उसकी मां ने कहा कि आईसीयू में रखा गया है। हालत ठीक थी इसलिए अस्पताल से नाबालिग की छूट्टी कर दी गई। जब मां-बेटी घर लौटने लगे तब नाबालिग की मां संतोषी बाई ने पूरे मामले की जानकारी नाबालिग को दी। फिर पीडि़ता ने पूरे मामले को लेकर इसकी शिकायत दर्ज करा दी।

इधर गांधीनगर पुलिस ने नाबालिग से संबंध बनाने वाले युवक के खिलाफ केस दर्ज किया है। पूछताछ में पता चला है कि पीडि़ता के घर एक साल पहले झारखंड के बरगड़ का एक युवक आया था। उसकी मां ने उसे उसके साथ घूमने के लिए उसके घर भेज दिया। यहां से उसे वापस नहीं आने दिया। युवक प्यार का झांसा देकर उससे संबंध बनाने लगा। 5 माह बाद उसकी मां बरगड़ पहुंची और उसे जबरन घर ले आई। जब मां उसे झारखंड से घर ले आई वह गर्भवती थी। युवक ने उसे अंबिकापुर लाकर किराए के कमरे में रखा। जब प्रसव होना था, उसके एक माह पहले युवक झारखंड घर चला गया।

संतोषी बाई ने नाबालिग को अस्पताल में भर्ती कराने उसकी जन्मतिथि गलत बता दी। पुलिस जांच में यह पता चला है कि अस्पताल में भर्ती कराते समय मां ने नाबालिग बेटी की उम्र 19 साल लिखा दी थी। जबकि आधार कार्ड में उसकी जन्मतिथि 2008 है। इधर अस्पताल अधीक्षक का कहना है कि बच्चे के साथ महिलाओं को डिस्चार्ज किया जाता है। नाबालिग की उम्र 19 साल परिजनों ने लिखाई होगी। 14 साल बताते तो पुलिस को सूचित किया जाता।

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