
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026’ आम जनता के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। 12 मार्च 2026 से लागू इस जनकल्याणकारी योजना ने उन लाखों परिवारों को नया सहारा दिया है, जो लम्बे समय से बिजली बिल के भारी बकाया और सरचार्ज के कारण आर्थिक संकट झेल रहे थे।
राज्य सरकार ने महसूस किया कि गरीब, किसान और निम्न आय वर्ग के लाखों उपभोक्ता बकाया बिल की भारी राशि और बढ़ते सरचार्ज के कारण बिजली सेवा से वंचित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस चुनौती को गंभीरता से लेते हुए एक व्यापक राहत योजना तैयार करवाई जो घोषणा भर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू की गई। यही वजह है कि शुरुआत के कुछ हफ्तों में ही बड़ी संख्या में हितग्राहियों ने इसका लाभ उठाया है।
75% तक छूट और 100% सरचार्ज माफी
योजना के तहत उपभोक्ताओं को मूल बकाया पर 50-75% तक की राहत दी जा रही है, जबकि सरचार्ज को पूरी तरह माफ कर दिया गया है। इससे उपभोक्ताओं का वर्षों का बोझ तुरंत कम हुआ है। आर्थिक रूप से कमजोर लोग एकमुश्त भुगतान नहीं कर पाते, इसलिए सरकार ने आसान किस्तों की सुविधा भी उपलब्ध कराई है, जहां उपभोक्ता केवल 10% राशि जमा कर आगे किस्तों में भुगतान कर सकते हैं।
28-29 लाख हितग्राहियों को मिल रहा सीधा लाभ
राज्यभर में लगभग 28 से 29 लाख बिजली उपभोक्ताओं को योजना का लाभ मिल रहा है। कुल राहत राशि 750 करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी गई है। इससे न केवल लोगों की आर्थिक स्थिति सुधरी है, बल्कि राज्य की बिजली वितरण प्रणाली भी अधिक सुव्यवस्थित हुई है। बकाया कम होने से बिजली कंपनियों की वित्तीय सुदृढ़ता बढ़ी है, जो भविष्य में बेहतर सेवा सुनिश्चित करेगी।
ग्रामीण और कमजोर वर्गों तक योजना का सीधा असर
ग्रामीण क्षेत्रों में जहां आय के साधन सीमित होते हैं, वहां इस योजना का सीधा प्रभाव दिख रहा है। किसान, मजदूर और छोटे व्यापारी बकाया चुकाकर अब नियमित सेवा से जुड़े हैं। कई परिवारों में वर्षों की चिंता दूर हुई है और बिजली कटौती की समस्या में कमी आई है। यह योजना सिर्फ राहत नहीं, बल्कि जीवन में स्थिरता और सम्मान लौटाने का माध्यम बन चुकी है।
61 हजार के भारी बिल में राहत
सरगुजा जिले के समय लाल का बिजली बिल 61,149 रुपये तक पहुंच गया था, जिससे उनका घरेलू बजट बिगड़ गया था। विष्णुदेव साय की मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के तहत उन्हें 54,450 रुपये की बड़ी छूट मिली। इसके बाद उन्होंने केवल 7,700 रुपये जमा कर पूरा बकाया निपटा लिया और आर्थिक तनाव से राहत पाई।




