छत्तीसगढ़जांजगीर चांपा

शिक्षक पढ़ाई नहीं बच्चों से करवा रहे सफाई, बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ क्यों?

जांजगीर चांपा। स्कूल को शिक्षा की मंदिर कहा जाता है, जहां बच्चों को शिक्षा दी जाती है। आज इन बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। माता-पिता अपने बच्चों को उसके उज्जवल भविष्य के लिए स्कूल भेजते हैं। वही दूसरे तरफ देखा जाये तो शा . प्रा. शा. डूडगा के प्रधान पाठक और शिक्षको द्वारा बच्चों के भविष्य को लेकर अच्छे शिक्षा देना चाहिए।

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वहां बच्चों को झाड़ू पकड़ा कर शौचालय स्कूल परिसर की साफ सफाई करवाकर उनके भविष्य पर फोकस कर रहे हैं।  सफाई कर्मी होते हुए भी बच्चों से स्कूल और शौचालय की साफ सफाई करवाई जा रही है। शिक्षा व्यवस्था लचार है, बच्चे पढ़ेंगे क्या? शिक्षा के नाम पर पूरे शून्य है। जहां बच्चों को सफाई कर्मी बनाया जा रहा हैं, वहां शिक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है। माता-पिता बच्चों का शिक्षा को लेकर चिंतित हो रहे है। प्रधान पाठक और शिक्षकों की बड़ी लापरवाही से सैकड़ो बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है। जो बच्चे हमारे देश के भविष्य हैं, उन्हें शौचालय सफाई करवाया जा रहा है। कलम किताब पकड़ने वाले नन्हे बच्चों के हाथों में झाड़ू पकड़ाया और सफाई करवाया जा रहा है। प्रधान पाठक और शिक्षकों को कई बार जनप्रतिनिधियों और पालको द्वारा समझाईश दी गई हैं। फिर भी प्रधान पाठक और शिक्षकों की मनमानी और बढ़ते जा रही है। अब देखना यह होगा कि उच्च अधिकारियों द्वारा ऐसे शिक्षकों को तत्काल सस्पेंड कर कड़ी कार्रवाई करते है या नहीं?

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