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HMPV Virus को लेकर छत्तीसगढ़ में अलर्ट : स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने प्रदेशभर में वेंटिलेटर, ICU और नॉर्मल बेड सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

रायपुर। चीन से शुरू हुआ कोरोना वायरस पूरी दुनिया में त्राहिमाम मचा चुका था और अब चीन से फिर एक नई बीमारी HMPV Virus का प्रकोप शुरू हो गया है. इस संक्रमण की एंट्री यूएस और मलेशिया के बाद अब भारत में भी हो गई है. देश में HMPV (ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस) के बढ़ते मामलों को देखते हुए छत्तीसगढ़ भी अलर्ट मोड पर है. इस बीच प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में एक अहम बैठक आयोजित की गई. बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और वायरस से निपटने के लिए रणनीति तैयार की.

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने बताया कि HMPV वायरस कोरोना वायरस जैसा नहीं है, हालांकि लक्षण थोड़ा सा मिलता-जुलता है. उन्होंने कहा कि इस वायरस से घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, बल्कि सावधानी रखने की आवश्यकता है. आज की बैठक में HMPV वायरस से निपटने के लिए रणनीति बनाई गई. HMPV वायरस के इलाज के लिए दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए.

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साथ ही प्रदेश भर में वेंटिलेटर, ICU और नॉर्मल बेड सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. वायरस के प्रकोप के लक्षणों के आधार पर गाइडलाइंस तैयार करने का निर्देश दिया गया है. बच्चे और बुजुर्ग हाई रिस्क जोन में होते हैं. बाकी संचालित विभागीय योजनाओं की समीक्षा की गई है. बैठक में स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, DHS प्रियंका शुक्ला, नेशनल हेल्थ मिशन के संचालक, CGMSC MD और हेल्थ कमिश्नर उपस्थित थे.

वयस्कों में लक्षण?

आमतौर पर हल्के, सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण होते हैं
गले में खराश
खांसी
नाक बंद होना
हल्का बुखार
थकान
अधिकांश वयस्क बिना किसी जटिलता के ठीक हो जाते हैं, लेकिन बुजुर्गों या गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों में लक्षण अधिक गंभीर हो सकते हैं.

शिशुओं और छोटे बच्चों में लक्षण?

बुखार
नाक बंद होना
नाक बहना
खांसी
गंभीर मामलों में ये शामिल हो सकते हैं:
घरघराहट
सांस लेने में कठिनाई
तेजी से सांस लेना
छाती का चलना
गंभीर मामलों में, यह ब्रोंकियोलाइटिस या निमोनिया में बदल सकता है, जिसके लिए अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत होती है.

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वायरस से बचने के लिए ये करें

विशेषज्ञों के अनुसार एचएमपीवी वायरस से बचने के लिए भीड़ वाली जगह से दूरी बना कर रखें, सर्दी खांसी बुखार वाले मरीजों के के संपर्क में न आएं. सर्दी खांसी बुखार के लक्षण पर तत्काल स्थानीय अस्पताल में जांच कराएं, ताकि किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े. खांसते व छींकते समय मुंह व नाक को रूमाल से ढंके, अपने हाथों को साबुन एवं सेनेटाइजर से साफ करते रहें, यदि बीमार है तो घर पर रहे, ज्यादा पानी पीएं एवं पौष्टिक भोजन का सेवन करें.

ये काम न करें

सर्दी, खांसी व बुखार होने पर अथवा सामान्य स्थिति में भी टिशू पेपर का दोबारा इस्तेमाल न करें. बार-बार आंख नाक व मुंह को न छूएं. सार्वजनिक स्थानों पर न थूकें तथा डाक्टर से सलाह लिए बिना किसी भी दवा का इस्तेमाल न करें. गौरतलब है कि एचएमपी वायरस खांसने, छींकने से निकलने वाले ड्रापलेट्स , संक्रमित व्यक्ति से हाथ मिलाने अथवा नजदीकी संपर्क में आने , दूषित सतह पर हाथ लगाने के बाद मुंह, नाक या आंखों को छूने से फैलता है. सर्दी, खांसी , बुखार तथा सर्दियों में सांस लेने में परेशानी इसके सामान्य लक्षण हैं। कुछ गंभीर केसेस में निमोनिया और ब्रोंकाइटिस भी इस बीमारी के लक्षण हैं. देश के कुछ राज्यों में इसके मरीज मिलने की सूचना मिलते ही राज्य के स्वास्थ्य विभाग का अमला अपनी तैयारी में जुट गया है. विशेषज्ञों के अनुसार यह एक सामान्य रेस्पिरेटरी वायरस है जो आम तौर पर सर्दी के दिनों में दिखाई पड़ता है.

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