छत्तीसगढ़जांजगीर चांपा

जांजगीर-चांपा: महाशिवरात्रि पर्व पर बाबा कलेश्वर नाथ मंदिर में उमड़ी भक्तों की भारी भीड़

जांजगीर-चांपा। शिव ही प्रारंभ है, शिव ही अंत है, शिव ही अनंत है। महाशिवरात्रि पर्व पर पीथमपुर स्थित आदिशक्ति परमपिता कलेश्वरनाथ के दर्शन मात्र से ही लोगों की मनोकामनाएं पूरी हो जाती है। जांजगीर-चांपा जिले में हसदेव नदी के तट पर स्थित एक प्राचीन और प्रसिद्ध शिव मंदिर है। यह मंदिर लगभग 500 वर्षों पुराना है और इसकी मान्यता है कि यहां पूजा-अर्चना करने से संतान प्राप्ति और पेट संबंधी रोगों से मुक्ति मिलती है।
सावन मास और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां विशेष भीड़ होती है, जहां भक्तजन हसदेव नदी से जल लेकर भगवान शिव का अभिषेक करते हैं।

कांवर और लोट मारते पहुंचते है भक्त
महाशिवरात्रि पर्व पर सुबह से ही भक्त कांवर लेकर और लोट मारते हुए मंदिर पहुंच जल चढ़ाते हैं। भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर एक दिन पहले से ही अपनी तैयारियां पूरी कर सुबह होते ही हसदेव नदी से जल लेकर पीथमपुर बोलबम का नारा लगाते हुए पहुंचते हैं।

See also  सड़क हादसे में CRPF जवान की मौत, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

हर जगह होता है प्रसाद वितरण
मंदिर आसपास सहित गांव के भक्त दूरदराज से मंदिर में आने वाले भक्तों के लिए प्रसाद का वितरण करते हैं। मंदिर के आसपास कई भक्त खीर पूड़ी, चना, पोहा, हलुआ सहित कई अन्य प्रकार का प्रसाद वितरण करते है। सुबह से लेकर शाम तक प्रसाद वितरण का आयोजन किया जाता है।

एक दिवसीय मेले का आयोजन
महाशिवरात्रि पर्व के दिन पीथमपुर गांव में एक दिवसीय मेले का आयोजन भी किया जाता है। भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए आने वाले लोग मेले को पार करते हुए मंदिर तक पहुंचते है। दर्शन के बाद सभी भक्त मेले का आनंद उठाते अपने घर वापस लौट जाते है।

व्यवस्था बनाने पुलिस ने सम्हाली कमान
महाशिवरात्रि पर्व को लेकर पुलिस प्रशासन ने व्यवस्था सम्हाल रखी थी। महाशिवरात्रि पर्व के दिन भक्तों की भीड़ इतनी ज्यादा रहती है कि दर्शन के लिए पुलिस को व्यवस्था बनाने दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सुबह से ही भक्तों की भीड़ जल चढ़ाने पहुंच जाती है। जिसके लिए सुबह से शाम तक लगातार पुलिस की टीम लगी हुई थी।

See also  गुलेल से बच्चे को मारने पर भड़के परिजन, लाठी-डंडे से पीटकर की युवक की हत्या

नागा साधु दे रहे थे आशीर्वाद
कहते हैं कि साधु संत के दर्शन मात्र से आधी समस्या दूर हो जाती है। वही जब नागा साधुओं का आशीर्वाद मिल जाए तो जीवन सफल माना जाता है। महाशिवरात्रि पर्व के दिन साधु संत बाबा कलेश्वरनाथ के दरबार में भक्तों को आशीर्वाद देकर उनकी मनोकामनाएं भगवान तक पहुंचाने मदद करते है।

Related Articles

Leave a Reply