छत्तीसगढ़

बेमेतरा में बेमौसम बारिश से टूटा किसानों पर कहर, ओलावृष्टि ने मचाया खेतों में गदर

बेमेतरा

बेमौसम हुई बारिश और ओलों की मार ने जिले के साजा और थानखम्हरिया इलाके में जमकर कोहराम मचाया है. इलाके के किसानों का कहना है कि करीब 16 हजार से ज्यादा किसानों की फसल खेतों में पूरी तरह से तबाह हो गई है. किसानों ने तबाह हुई फसलों की जानकारी कृषि विभाग के अधिकारियों को दी है. किसानों की शिकायत सुनने के बाद कृषि विभाग के अफसर खेतों में फसलों की तबाही देखने पहुंचे. किसानों के खेतों को देखने के बाद अफसरों ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है. अफसरों का कहना है कि नुकसान काफी हुआ है. कई खेतों में तो एक भी फसल नहीं बची है.

बारिश और ओले ने तबाह की चना और खरबूजे की फसल: साजा और थानखम्हरिया तहसील के किसान इलाके में सबसे ज्यादा चना, हरी सब्जियां और खरबूज की खेती इस सीजन में करते हैं. लगातार हुई बारिश और उसके बाद ओले गिरने से खेतों में तरबूज फटकर खराब हो गए हैं. किसानों का कहना है कि जल्द से जल्द खराब फसलों का आंकलन पूरा किया जाए. किसानों की मांग है कि आंकलन के बाद मुआवजे की कार्रवाई शुरु हो. विभाग ने भी माना है कि करीब 16 हजार से ज्यादा इलाके के किसानों की फसलें खराब हुईं हैं.

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ओलावृष्टि से साजा और थानखम्हरिया क्षेत्र के किसानों की फसल प्रभावित हुई है. थानखम्हरिया तहसील के 38 गांव में चना की फसल प्रभावित हुई है. बीमा कराए हुए किसानों को फसल प्रभावित होने से 72 घंटे तक फसल प्रभावित की सूचना देनी होती है. अबतक 16 हजार किसानों से सूचना आ चुकी है, जल्द से जल्द मुआवाजे को लेकर फाइनल रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई शुरु की जाएगी – मोरध्वज डड़सेना, कृषि उपसंचालक, बेमेतरा

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