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बिलासपुर

सक्ती: प्रेमी को परिवार में हीरो बनाने का सपना देखने वाली युवती पहुंची सलाखों के पीछे

युवती ने खुद की रची थी अपहरण की झूठी कहानी

मां-बाप से फिरौती में मांगे थे 15 लाख

सक्ती
जिले के कचहरी चौक के पास से स्वस्थ विभाग में सीएचओ के पद पर कार्यरत अनुपमा जलतारे ने अपनी ही अपहरण की झूठी कहानी रची थी। अपने प्रेमी के साथ मिलाकर अपहरण कर 15 लाख रु की फिरौती की रकम घर वालो से मांगी थी। युवती जानती थी कि उसका परिवार इतनी बड़ी रकम नही दे पायेगा और इसी बीच वह अपने कथित प्रेमी के साथ अचानक घर आ धमकेगी और अपहरण से मुक्त कराने का सारा श्रेय अपने प्रेमी महेंद्र जांगड़े को देकर घरवालों के नजरो में उसे हीरो बना चाहती थी, लेकिन मामला उलटा पड़ गया। मामला गंभीर होने पर परिजनों ने बिना विलंब किए अपहरण की रिपोर्ट सक्ती थाना में दर्ज करा दी। इधर सूचना पर जिले की पुलिस ने महज चार घंटो में दोनो प्रेमी जोड़ो को बिलासपुर से गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार अनुपमा से पूछताछ करने पर बताई की वह महेंद्र को पसंद करती है और घर के लोग नही मानेगा इस बात को लेकर 27 जून की शाम को महेंद्र को फोन कर सक्ती बुलाई थी। अनुपमा अपने भाई के साथ कचहरी चौक सक्ती गई हुई थी। इस बीच अपने भाई को ठंडे पानी पीने की बात कही जिसपर वह पानी लेने चला गया। जब वापस आया तो उसकी बहन नही थी। अनुपमा अपने प्रेमी महेंद्र जांगड़े के साथ मोटर साइकिल में बैठकर बिलासपुर भाग गई। उसी रात 9.38 बजे उसकी बहन के फोन से भाई कालेश्वर के फोन पर अपहरण की बात कहते हुए 15 लाख रु की मांग की नही देने पर मारकर बोरी में भर कर फेकने की बात कही गई थी। अनुपमा ने यह भी बताया की घर के लोग 15 लाख रुपए का इंतजाम नहीं कर पाएंगे। इसलिए वह अपने प्रेमी महेंद्र जांगड़े के साथ घर पहुंचती और इसने पूरे पैसे देने की बात कहते हुए घर वालो की नजर में शादी के लिए अच्छा लड़का साबित करना चाहती थी। इसलिए अपहरण की झूठी कहानी रची गई थी।
सक्ती पुलिस ने सीएचओ अनुपमा और महेंद्र जांगड़े के खिलाफ धारा 120 बी 384 कायम कर दोनो प्रेमी जोड़े को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

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