जांजगीर चांपा

राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना भूमिहीन के लिए होगा वरदान: कांग्रेस

ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती की दिशा में मुख्यमंत्री भूपेश का एक और सराहनीय कदम

  • न्याय योजना से भूमिहीन पात्र परिवारों को मिलेगा प्रतिवर्ष 6000 रुपये की मदद

जांजगीर

जिला कांग्रेस कमेटी जांजगीर चांपा के प्रवक्ता शिशिर द्विवेदी ने राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना का स्वागत करते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए एक अनूठा कदम बताया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के पश्चात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य विकास के नए-नए आयाम स्थापित कर रहा है। अन्नदाता किसान हो या बेसहारा मजदूर, हमारी सरकार ने सभी के लिए, किए गए वायदे निभाने का सिलसिला लगातार जारी रखा है। किसानों और गौ-पालकों के लिए लागू की गई न्याय योजनाओं की अगली कड़ी में सरकार भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना लागू करने जा रही है। इस योजना के लिए इस अनुपूरक में 200 करोड़ रूपए का प्रावधान भी किया गया है। छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंचा रही है। इससे न सिर्फ हितग्राहियों की आर्थिक स्थिति सुधर रही है, बल्कि गांव, गरीब, मजदूर और किसान समृद्ध हो रहे है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, तेंदूपत्ता की बेहतर दर पर खरीदी, लघु वनोपज के दामों में वृद्धि से भूपेश सरकार ने जहां कोरोना संकट के विपरीत समय पर आर्थिक संबल प्रदान किया है। वही ग्रामीणों, किसानों, आदिवासियों को सीधा लाभ पहुंचा, जिससे मजदूर और किसान ही नहीं, बल्कि सभी वर्ग के लोग समृद्ध हो रहे है। मजदूर और किसानों के हाथों में पैसे आने से व्यापार व व्यवसाय बढ़ रहा है इससे प्रदेश में आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ रही है। गौरतलब है कि विगत दिनों मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा में अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य के ग्रामीण अंचल के भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत प्रतिवर्ष 6000 रूपए की आर्थिक मदद दिए जाने की घोषणा की है।

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