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12 साल के बच्चे ने रची केमिकल अटैक की कहानी:रायपुर में गैस से झुलसा, डांट से बचने के लिए कहा-बाइक सवारों ने पाउडर फेंका

राजधानी रायपुर में 12 साल के नाबालिग पर केमिकल पाउडर से अटैक की खबर झूठी निकली। शनिवार को वह अपने छोटे भाई के साथ घर पर था। इस दौरान गैस से उसका चेहरा बुरी तरह झुलस गया था। इसके बाद उसे AIIMS में भर्ती किया गया।

मम्मी-पापा की डांट से बचने उसने कहा कि, वह भाई के साथ खेलने गया था तभी बाइक सवार लोगों ने उस पर कोई केमिकल पाउडर फेंक दिया। इसके बाद पुलिस ने भी इस मामले की जांच की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। वहीं एक दिन बाद उसके छोटे भाई ने सारा राज उगल दिया।

खाना गर्म करते हुए जले

डीडी नगर थाना इलाके में शिकायत आई की शनिवार को 12 साल के बच्चे पर दो बाइक सवार बदमाशों ने केमिकल पाउडर फेंक दिया। वह अपने छोटे भाई के साथ साइकिल से एजुकेशनल एकेडमी स्कूल के पास सत्यम विहार पहुंचे था।तभी चंगोराभाठा की तरफ से आ रहे बाइक सवार दो युवकों ने भूरे और गुलाबी रंग का केमिकल पाउडर फेंक दिया। पुलिस अज्ञात आरोपियों की तलाश में जुटी।

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पुलिस मौके पर पहुंची साथ ही आसपास के CCTV फुटेज भी खंगाले गए लेकिन कोई तथ्य सामने नहीं आया। थाना प्रभारी ने इसकी जानकारी परिजन को दी। इसके बाद परिजन ने छोटे भाई से प्यार से पूछा तो वह माफी मांगने लगा। उसने कहा कि, भैया किचन में खाना गर्म कर रहे थे इस दौरान गैस चूल्हे से झुलस गए, लेकिन डांट से बचने के लिए भैया ने कहा कि, हम मम्मी-पापा को अटैक की कहानी बताएंगे।

साथ ही बच्चों ने यह भी बताया था कि जिस स्कूल के सामने घटना हुई वहां आस-पास बदमाशों का जमावड़ा लगा रहता है। वे स्कूल आने जाने वाले बच्चों को धमका कर पैसे मांगते हैं लिहाजा परिजन को शक हुआ कि बदमाशों ने ही अटैक किया हो।

मोबाइल की लत से हम परेशान

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बच्चों के पिता ने बताया कि मेरी पत्नी मार्केट गई थी। मैं अपने काम पर था, बच्चे घर पर अकेले थे। ये लोग गैस चूल्हे से जल गए, इस वजह से डर गए। जब उनकी मां मार्केट से आई तो बच्चों ने कहानी सुनाते हुए कह दिया कि किसी ने कैमिकल फेंक दिया।

पिता ने आगे बताया कि बच्चों की तबीयत अभी ठीक है लेकिन अब चेहरा झुलस गया है। मेरे दोनों बच्चे दिनभर मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं। उनकी मोबाइल की लत की वजह से हम परेशान थे। वह दिन भर यूट्यूब देखते थे मोबाइल पर गेम खेला करते थे।

हमें पता नहीं जिंदगी में कभी नहीं सोचा था कि हमारे बच्चे इतनी बड़ी प्लानिंग कर देंगे या कहानी बता देंगे। आखिर वो इस तरह प्लानिंग करके हमें कैसे गुमराह कर सकते हैं। बच्चे कोई क्राइम शो देखते हैं ये पूछे जाने पर बच्चे के पिता ने कहा कि हो सकता है वह लोग ऐसा कुछ देखते होंगे मैं तो सुबह से काम पर चला जाता हूं मां दिन भर घर पर रहती है ।

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