छत्तीसगढ़

ज्वेलरी दुकानों में नौकरी के बहाने सोना चुराने वाले इंटर स्टेट गैंग का पर्दाफाश, गुजरात से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लाई दुर्ग पुलिस

भिलाई

नौकरी के बहाने सुनियोजित तरीके से ज्वेलरी दुकानों में सोना चोरी करने वाला वेस्ट बंगाल के इंटर स्टेट गिरोह का दुर्ग पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह के सदस्य दुकानों में कारीगर बनकर काम के बहाने जाते थे। सप्ताहभर काम करने के बाद लाखों रुपए का सोना चोरी कर रफूचक्कर हो जाते थे। पुलिस ने गिरोह के पांच लोगों को गुजरात के केसोड़ से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से आधा किलो सोना, फर्जी आईडी, 25 बैंकों के पास बुक, लेखाजोखा की डायरियों समेत 25 लाख रुपए की मशरुका जब्त किया है। पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि छत्तीसगढ़ में दुर्ग समेत अन्य राज्यों की ज्वेलरी दुकानों से करीब 3 किलो सोना चोरी कर चुके हैं।

दुर्ग के ज्वेलर ने की थी शिकायत
पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका खुलासा किया। उन्होंने बताया कि दुर्ग ब्राम्हण पारा के रामकृष्ण सामंत ज्वेलर्स दुकान का कारीगर संदीप सन्यासी मंडल (मूल निवास पश्चिम मेदिनापुर पश्चिम बंगाल) ने शिकायत की थी। शिकायत के मुताबिक 25 जून को पश्चिम बंगाल से अजहर शेख नाम का व्यक्ति कारीगर के रूप में काम करने आया था। 30 जून को ज्वेलर्स में कार्यरत अन्य कारीगरों के लॉकर को तोड़कर 800 ग्राम सोना चोरी कर भाग गया। मामले में प्रकरण दर्ज कर आरोपियों की खोजबीन शुरु की गई। आरोपी द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेज मोबाइल नम्बर, आधार कार्ड के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई जो पूरा फर्जी निकला। आरोपी वेस्ट बंगाल से आकर फ र्जी दस्तावेज देकर सुनियोजित तरीके से चोरी कर भाग गया।

फुटेज को अंतरराष्ट्रीय वाट्सऐप ग्रुप में पोस्ट किया तब मिला क्लू
एसपी प्रशांत अग्रवाल के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक दुर्ग विवेक शुक्ला के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की। साइबर सेल प्रभारी गौरव तिवारी ने वारदात के संबंध में सीसीटीवी कैमरे से मिले फुटेज को अंतरराज्यीय वाट्सऐप ग्रुप में पोस्ट किया। तब मुंबई की साइबर टीम ने एक फुटेज भेजा। जिसमें आरोपी जिन्नोट शेख उर्फ अजहर शेख उर्फ गोबेट दाढ़ी बढ़ाने वाली फोटो से मिलान हुआ। इसके बाद उन जिन्नोट के पुराने मोबाइल नम्बरों को खोजा गया। जिन्नोट का गांव पश्चिम बंगाल के कुसम के लिए टीम को रवाना किया गया। घटना के दिन मास्टर माइंड शुकुर अली शेख राजनांदगांव में आया था। उसके मोबाइल को ट्रेस किया। सर्च किया गया तो अक्सर मोबाइल बंद मिला। तब टीम को जिन्नोट के गांव में रवाना किया। वहां से कुछ मोबाइल नम्बर मिले। मुंबई से सूरत का लोकेशन मिला। तत्काल टीम रवाना हो गई। सूरत से 500 किलोमीटर दूर करसोड़ थाना क्षेत्र पहुंचे। जहां शेख अकरम ने एक ज्वेलरी की दुकान खोल ली थी। वहीं शुकुर और जिन्नोट पकड़े गए। इसके बाद पूछताछ में दो आरोपियों के नाम बताए। साहिल पोरे उर्फ रिजब और समता खान उर्फ अभिजित को गिरफ्तार कर लाया गया।

शुकुर अकरम गिरोह का मास्टर माइंड सबको फर्जी आईडी बनाकर देता था
पुलिस की पूछताछ में आरोपी शुकुर अली ने बताया कि पिछले 10 वर्षों से विश्वासघात कर मुंबई, राजस्थान में इसी तरीके से चोरी करता था। जिन्नोट बचपन से चोरी करने लगा था। शुकुर से मुलाकत हो गई। शुकुर सभी सदस्यों की फर्जी आईडी बनाकर चोरी की योजना को अंजाम देता था। उसके काम को देखकर नाम रखा टाइगर उर्फ बाघ। इसके साथ में आरोपी समेत पोरे को भेजता था। चोरी के सोना को शेख अकरम खपाता था। राजकोट के केसोड़ में बेचना बताया। सभी को स्वयं के द्वारा निर्धारित हिस्सेदारी देकर पुन: नए काम की तलाश में लग जाता था।

जोधपुर, मुंबई, बेंगलुरू में भी किया वारदात
एसपी ने बताया कि चोरी के दौरान ट्रेन टिकिट, होटल, खाने पीने का खर्च शुकुर अली उपलब्ध कराता था। जोधपुर राजस्थान, अंधेरी वेस्ट मुंबई, पाली राजस्थान, नांदेड राजस्थान, झावेरी बाजार मुंबई, बैंगलुरू व दुर्ग जिलें में अपने साथी दरान समत, अजहर उर्फ जिन्नोट, साहिल पोरे, अकरम खान के साथ योजनाबद्ध तरीके से घटना को अंजाम दिया गया है।

जानिए कहां कितना सोना चोरी की
30 जून 2021 दुर्ग में 500 ग्राम सोना, 2021 में बैगलुरू 450 ग्राम, 2020 भुवनेश्वरर जलधानी मंदिर 1200 ग्राम, नांदेड (राजस्थान)- 319 ग्राम, मुंबई भाजीगली जौहरी बाजार 612 ग्राम, 2019 में पाली (राजस्थान) 95 ग्राम, मुम्बई मस्जिद मंदर 270 ग्राम और 2018 में अंधेरी (मुम्बई)-220 ग्राम सोना चोरी कर चुके हैं। मुंबई और गुजरात में जेल काट चुके है।

यह रहे गिरोह को पकडऩे वाले
उप निरीक्षक मुकेश सोरी, सहायक उपनिरीक्षक शमित मिश्रा, प्रधान संतोष मिश्रा, राजेन्द्र तिवारी, आरक्षक सुरज पांडेय, अनुप शर्मा, खुर्रम बक्श, शौकत हायात खान, मुम्बई एवं गुजरात पुलिस पीएसआई श्रीराम घोटके, उमेश भागवत, पी आई रघुनाथ जडेजा, सूरत क्राइम ब्रांच के पीएस आई दिग्विजय सिंह राठौर ने उमदा कार्य कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सायबर टीम के निरीक्षक गौरव तिवारी, प्रधान आरक्षक चंद्रशेखर बंजीर, आरक्षक विक्रांत यदु, निखिल कुमार साहू, विजय शुक्ला, जावेद हुसैन खान, दिनेश विश्वकर्मा, अभय नारायण राय, सुरेश चौबे, रवि बिसाई, उपेन्द्र यादव, महिला आरक्षक आरती सिंह।

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