छत्तीसगढ़

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बस्तर दौरे पर, संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम का करेंगी शुभारंभ

बस्तर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर में आयोजित बस्तर पंडुम 2026 कार्यक्रम आज से शुरू हो रहा है. 7 से 9 फरवरी तक आयोजित होने वाले संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम 2026 का शुभारंभ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कर रही है. जगदलपुर के लालबाग मैदान में बस्तर पंडुम के आयोजन को लेकर भव्य तैयारी की गई है. राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था पूरे बस्तर में की गई है.

राष्ट्रपति का बस्तर दौरा, ये है प्रोटोकॉल

  • राष्ट्रपति विशेष विमान से सुबह 9 बजकर 10 मिनट पर भुवनेश्वर से जगदलपुर के लिए उड़ान भरेंगी
  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 10:30 बजे जगदलपुर एयरपोर्ट पहुंचेगी.
  • एयरपोर्ट से सड़क के रास्ते ऐतिहासिक लालबाग मैदान पहुंचेंगी
  • सुबह 11 बजे से बस्तर पंडुम कार्यक्रम में राष्ट्रपति शामिल होंगी
  • राष्ट्रपति दोपहर 12 बजे लालबाग मैदान से एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगी.
  • 12 बजकर 20 मिनट पर जगदलपुर एयरपोर्ट से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के लिए रवाना होंगी.
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राष्ट्रपति का स्वागत करेंगे सीएम विष्णुदेव साय

सीएम साय ने एक्स पर पोस्ट कर अपने आज के कार्यक्रम की जानकारी दी. उन्होंने लिखा-” आज माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित “बस्तर पंडुम” के शुभारंभ कार्यक्रम में सम्मिलित रहूंगा.”

राष्ट्रपति के दौरे पर बस्तर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के तगड़े इंतजाम पुलिस ने कर रखा है. चप्पे चप्पे पर जवानों की तैनाती कर दी गई है. जगदलपुर शहर में 3 लेयर पर सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे. आंकड़ों के अनुसार 50 से अधिक राजपत्रित अधिकारी के साथ 700 से ज्यादा जवान सुरक्षा में तैनात हैं.

बस्तर पंडुम क्या है

बस्तर पंडुम छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग का जनजातीय महोत्सव है. साल 2025 में बस्तर की आदिवासी संस्कृति, परंपरा, लोक कला, पारंपरिक नृत्य और वेशभूषा को बढ़ावा देने बस्तर पंडुम का आयोजन शुरू किया गया.

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साल 2025 में विकासखंड स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में 15,596 प्रतिभागियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी. वहीं इस वर्ष यह आंकड़ा सातों जिलों में तीन गुना बढ़कर 54,745 तक पहुंच गया है. जिलास्तर की कड़ी प्रतिस्पर्धा से जीत कर आए 84 दल और उनके 705 चयनित कलाकार इस दौरान अपनी कला का जादू बिखरेंगे. प्रतियोगिता में कुल 12 अलग-अलग विधाओं का प्रदर्शन किया जाएगा. जिसमें सर्वाधिक 192 कलाकार जनजातीय नृत्य में और 134 कलाकार जनजातीय नाटक सहित अन्य विधा में हुनर दिखाएंगे.

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