1001 बच्चियों का कन्या भोज; मालवाहन से ढोई गई बेटियां, खतरे में लाडली बेटियां

नवमी के दिन जगह-जगह कन्या भोज का आयोजन किया गया. छत्तीसगढ़ के दुर्ग में भी भव्य कन्या भोज का आयोजन करते हुए एक अच्छी कोशिश की गई थी, लेकिन यहां जो लापरवाही हुई वे काफी खतरनाक थी. इतने बड़े आयोजन के लिए मां स्वरूप कन्याओं को भोज के लिए मालवाहक में ऐसे लाया गया था, मानो बोरियां या जानवरों को कही भरकर ले जाया जा रहा है. यह स्थिति तब है जब प्रशासन ने कवर्धा में मालवाहक वाहन से तेंदूपत्ता तोड़ने जा रहे श्रमिकों की दुर्घटना होने के बाद सख्त गाइडलाइन जारी की जा चुकी है. उसमें साफ कहा गया था कि मालवाहन वाहनों में लोगों को यात्रियों की तरह किसी भी सूरत में ना बैठाया जाये. लेकिन कन्या भोज का जो कार्यक्रम हुआ उसे जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे द्वारा आयोजित किया गया था. लेकिन उसमें बेटियों को सुरक्षा को ताक पर रख दिया गया.

बच्चों को मिला गिफ्ट
नवरात्रि का नवमी तिथि के अवसर पर दुर्ग जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे ने एक अच्छी सोच के साथ 1001 कन्याओं का भोज करवाया. इसके बाद इन बच्चियों को उपहार स्वरूप ख़ुद की फोटो छपी हुई स्कूल बैग, पेंसिल इरेज़र, पानी बॉटल जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा प्रदान किया गया ताकि ग्रामीण परिवेश की ग़रीब बच्चियाँ को पढ़ाई में मदद मिल सके.
सरस्वती बंजारे से इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि दो मालवाहक गाड़ियां हैं, हमने सरपंचों को कहा था कि सुविधानुसार अपनी जिम्मेदारी के साथ अपने-अपने गाँव से बेटियां/कन्या लेकर आयें, लेकिन मुझे अभी अवगत हुआ है तो मैंने उन्हें मना किया कि हमारी कन्याएं उस गाड़ी में नहीं जायेंगी, हम अपनी गाड़ियों से उनके घर तक छोड़ेंगे.




