छत्तीसगढ़

जीजा ने की साले की हत्या: पत्थर बांधकर डेम में फेंक दी थी लाश….पिता-पुत्र गिरफ्तार

सूरजपुर

10 दिन पूर्व एक युवक अपने जीजा के घर गया था। यहां से जीजा के साथ अपने भांजे को लेने निकला था। इसके बाद 11 सितंबर को सूरजपुर जिले के प्रेमनगर से गुजरे बांगों बांध के डुबान क्षेत्र में उसकी लाश मिली थी। दोनों पैर रस्सी से बंधे थे जबकि गले में भी रस्सी फंसी हुई थी। मृतक की शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने शक के आधार पर उसके जीजा को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने हत्या कर अपने पिता के साथ शव बांध में फेंकने की बात स्वीकार की। पुलिस ने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सूरजपुर जिले के प्रेमनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बलदेवनगर निवासी मनोज उरांव ने 11 सितंबर को थाने में जानकारी दी कि बांगों बांध के डुबान छोटे छुरी में एक व्यक्ति का पैर पानी के ऊपर दिखाई दे रहा है। सूचना मिलते ही प्रेमनगर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाया। शव के दोनों पैरों तथा गले में रस्सी बंधी हुई थी। युवक की शिनाख्त रामानुजनगर थाना क्षेत्र के ग्राम हनुमानगढ़ निवासी सुरेंद्र यादव पिता हीरासाय 22 वर्ष के रूप में हुई। पीएम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ धारा 302, 201 का अपराध दर्ज कर छानबीन शुरु की। आला अधिकारियों के मार्गदर्शन में प्रेमनगर पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की। परिजनों ने बताया कि 5 सितंबर को सुरेंद्र अपने जीजा-दीदी के घर अंबिकापुर गया था। यहां से सुरेंद्र अपने जीजा सुखसाय उर्फ गंवटिया बरगाह के साथ अपने भांजे को लेने ग्राम विंध्याचल के लिए निकला था। यह भी पता चला कि दूसरे दिन सुखसाय अपने बेटे को लेकर अंबिकापुर लौट आया था। यहां उसकी पत्नी ने सुरेंद्र (अपने भाई) के बारे में पूछा तो सुखसाय ने बताया कि वह प्रेमनगर में उतरकर अपने घर चला गया था। शक के आधार पर पुलिस ने मृतक के जीजा सुखसाय को कोरबा जिले के ग्राम कोठीखर्रा, चौकी कोरबी में घेराबंदी कर पकड़ा। पूछताछ पर आरोपी ने बताया कि ग्राम विध्यांचल स्थित मकान में 5 सितम्बर की रात सुरेन्द्र के पिता का मेडिकल दस्तावेज फाड़ देने को लेकर दोनों के बीच में विवाद हुआ था।बोरे में भरकर फेंक दी लाशहत्या करने के बाद उसने शव को बोरे में भरा और साइकिल पर रखकर पिता महावीर बरगाह के साथ छोटे छुरी बांध के डुबान क्षेत्र में पहुंचा। यहां शव में पत्थर बांधकर साहित सहित बांध में फेंक दिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी सुखसाय उर्फ गंवटिया एवं उसके पिता महावीर बरगाह को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रेमनगर केपी चौहान, एसआई निर्मल राजवाड़े, आरक्षक जगजीत सिंह, बेचूराम सोलंकी, भुवनेश्वर सिंह, खेलसाय व सैनिक सुभान अली सक्रिय रहे।

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