छत्तीसगढ़जांजगीर चांपा

स्कूल में पानी नहीं..छात्र भर रहे हैं पानी…सरकारी स्कूलों का बचपन, प्रधान पाठक को पता नहीं है बच्चे स्कूल से बाहर जा रहे हैं

जांजगीर-चांपा। सरकार लाख ढिंढोरा पीटे और करोड़ों की योजनाएं गरीब नौनिहालों और देश के भविष्य के लिए भेजे पर सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के लिए सबके दिमाग में केवल यही छाप बस गयी है कि ये कमाने खाने वाले परिवार के बच्चे केवल मध्याह्न भोजन के लिए लायक है । शिक्षा या शिक्षा की गुणवत्ता इनके लिए अब भी दूर की कौड़ी है । इसकी बानगी इस विडियो में देखी जा सकती है । बताया जा रहा है कि अकलतरा विकास खंड अंतर्गत आने वाले गांव भैसतरा के पूर्व माध्यमिक शाला सबरिया डेरा स्कूल में आज बच्चों को पानी भरते देखा गया है क्योंकि स्कूल में हेडपंप और सफाई कर्मचारी दोनों है लेकिन पानी भरने का काम बच्चों का है विडियो में देखा गया है कि दो दो बच्चे एक डंडे में बाल्टी फंसाकर दोनों ओर से पकड़ कर ला रहे हैं । यह भी विदित हो कि भैसतरा में एक क्रशर खदान भी संचालित है जिसके कारण इस सड़क में भारी वाहन चलते ही रहते हैं और ऐसे में बच्चों को खतरा भी है । आश्चर्य की बात है कि आज हर हाथ में कैमरा है और हर व्यक्ति की पहुंच पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों तक है इसके बावजूद सरकारी शिक्षकों और कर्मचारियों की लापरवाही पीक पर है और डर की कोई बात नहीं है । प्रधान पाठक ने बताया कि इस स्कूल में पंप है पर वह दस मिनट तक चलता है और बंद हो जाता है । सफाई कर्मचारी एक बार पानी भरकर चला जाता है और मध्याह्न भोजन के लिए बच्चों को दूर से पानी लाना पड़ता है और मध्याह्न भोजन करने के बाद बर्तन धोने के लिए यही के छात्र बाल्टियों में पानी भरकर लाते हैं और बर्तन धोते हैं । कल्पना कर सकते हैं कि बर्तन इस पानी में कितनी अच्छी तरह धुलता होगा । यह भी बता दें कि प्रधान पाठक को यह भी मालूम नहीं है कि बच्चे बाल्टियों में पानी भर कर ला रहे हैं ।

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बच्चे पीने के बाटल में पानी लाये होंगे और उन्हें बाल्टियों में पानी नहीं मंगाया गया है । स्कूल के गेट में ताला लगा कर रखा जाता है ।

सत्या भारती प्रधान पाठक भैसतरा प्राथमिक विद्यालय

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