
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है और अब इसका सीधा असर महत्वपूर्ण परिवहन मार्गों पर भी साफ दिखाई देने लगा है, जहां बिलासपुर जिले के ढेंका गांव के पास बिलासपुर-उरगा फोरलेन परियोजना के अंतर्गत तेजी से निर्माणाधीन ओवरब्रिज का एप्रोच मार्ग भारी बारिश के दबाव को सहन न कर पाने के कारण अचानक पूरी तरह से धंस गया।
इस गंभीर दुर्घटना के बाद देखते ही देखते टन के हिसाब से मिट्टी, मुरूम और गिट्टी बहकर सीधे मुख्य मार्ग पर आ गई, जिसके फलस्वरूप नेशनल हाईवे-49 पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह से ठप पड़ गया और बीती देर रात से ही बिलासपुर, रायपुर तथा रायगढ़ जैसे महत्वपूर्ण रूटों पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी और बेतरतीब कतारें लग गईं, जिससे इस रास्ते से गुजरने वाली यात्री बसों, निजी कारों और आवश्यक वस्तुओं से भरे मालवाहक ट्रकों में सवार सैकड़ों पुरुष, महिलाएं और बच्चे घंटों से भीषण जाम के बीच फंसे रहकर भारी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
इस विकट स्थिति के बीच स्थानीय रहवासियों और वाहन चालकों में प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति गहरा रोष व्याप्त है, क्योंकि लोगों का यह गंभीर और सीधा आरोप है कि दुर्घटना की तुरंत सूचना संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों को दे दी गई थी, इसके बावजूद एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) और स्थानीय प्रशासन की रेस्क्यू या मेंटेनेंस टीम समय पर घटनास्थल पर नहीं पहुंची, जिसके कारण लोगों को बारिश के बीच और अधिक बेसहारा होना पड़ा।
वर्तमान में भी हाईवे पर यातायात पूरी तरह से बाधित बना हुआ है और आम जनता तथा यात्री इस बात को लेकर बेहद चिंतित हैं कि आखिर कब तक प्रशासन की नींद खुलेगी, कब जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से इस मलबे को हटाकर मार्ग को साफ किया जाएगा, और कब एक बार फिर से इस व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षित एवं निर्बाध यातायात बहाल हो सकेगा।




