छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में अब निजी कॉलेजों की मनमानी फीस पर रोक, AFRC से तय होगी तकनीकी पाठ्यक्रम की फीस, शासन ने जारी किया आदेश

रायपुर। प्रदेश में निजी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में संचालित तकनीकी पाठ्यक्रमों की फीस अब प्रवेश व शुल्क विनियामक आयोग (एएफआरसी ) के प्रावधानों के अनुसार ही तय होगी। कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा व रोजगार विभाग ने सत्र 2026-27 की फार्मेसी काउंसिलिंग के लिए आदेश जारी कर संस्थानों के लिए शुल्क संबंधी नियम स्पष्ट किए हैं।

शपथ-पत्र के आधार पर मिलेगी अनुमति

एएफआरसी में शुल्क निर्धारण लंबित होने के बावजूद निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले संस्थानों को शपथ-पत्र के आधार पर काउंसिलिंग में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी। जिन संस्थानों की फीस पहले एएफआरसी तय कर चुका है, लेकिन नए सत्र के लिए शुल्क निर्धारण लंबित है, वे विद्यार्थियों से पिछले वर्ष निर्धारित शुल्क से अधिक राशि नहीं ले सकेंगे।

वहीं, जिन नए निजी कॉलेज या विश्वविद्यालय की फीस कभी निर्धारित नहीं हुई है, वे समान पाठ्यक्रम के लिए एएफआरसी द्वारा तय न्यूनतम शुल्क से अधिक राशि वसूल नहीं कर पाएंगे। संस्थानों को शपथ-पत्र देकर यह सुनिश्चित करना होगा कि एएफआरसी के अंतिम निर्णय तक विद्यार्थियों से अतिरिक्त या मनमाना शुल्क नहीं लिया जाएगा।

See also  शिक्षा के साथ खेल और अनुशासन भी जरूरी, छात्र जीवन में समझनी होगी समय की कीमतः मुख्यमंत्री

साथ ही शासन और आयोग के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। इस व्यवस्था से फीस निर्धारण में पारदर्शिता आने और विद्यार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

Related Articles

Leave a Reply