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बांदा की शहजादी को नहीं होगी फांसी, दुबई में लगा था हत्या का आरोप, मिली माफी… परिवार ने पीएम-सीएम को कहा धन्यवाद

बांदा

उत्तर प्रदेश के बांदा की शहजादी की दुबई में फांसी की मौत की सजा टल गई है. केंद्र सरकार की पहल से अबू धाबी में उसे दी जाने वाली फांसी पर रोक लगा दी गई है. इसकी जानकारी खुद शहजादी ने अपने पिता को फोन पर दी. उसने दुबई के कोर्ट के आदेश भी परिजनों को भेजे हैं. बेटी को मिले जीवनदान से परिवार में खुशी का माहौल है. इस फैसले से परिजनों ने केंद्र और राज्य की सरकार के साथ उनकी बेटी के लिए आवाज उठाने वाले सामाजिक संगठनों का आभार जताया है.

दुबई की जेल में बंद शहजादी के गृह नगर बांदा में लोग खुश हैं. उसकी फांसी की सजा टलने से बूढ़े माता-पिता को फिर से जीने की उम्मीद जग गई है. पिता का कहना है कि केंद्र और राज्य की सरकार ने उनकी बेटी की मौत की सजा को रुकवाकर उन्हें बहुत बड़ी खुशी दी है. उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय एंबेसी के दो अधिकारी उनकी बेटी से जेल में मिलने गए थे. उनकी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए भारत सरकार ने अपना वकील दिया. उन्होंने अपील की और आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के अंदर उनको छुडवाकर वापस भारत ले जाया जाएगा.

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पिता ने लगाई थी PM-CM से गुहार
शहजादी के पिता शब्बीर ने अपनी बेटी को बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की अपील की थी. शब्बीर ने बताया कि भारत सरकार के हस्तक्षेप के बाद 21 सितंबर को दी जाने वाली फांसी की सजा को दुबई की अदालत ने रोक लगाकर उसे 29 सितंबर किया गया था. भारत सरकार के वकील ने वहां के उच्च न्यायालय में अपील कर शहजादी का पक्ष रखा और उसे जीवनदान दिए जाने की अर्जी पेश की. उनके मुताबिक, दुबई के उच्च न्यायालय ने उनकी बेटी की फांसी सजा माफ हो गई है. एक सप्ताह के अंदर अदालत उसे बरी कर देगी.

प्रेमजाल में फंस पहुंच गई थी दुबई
शहजादी बांदा के मटौंध थाना क्षेत्र के गांव गोयरा मुगली की रहने वाली है. वह सामाजिक संस्था रोटी बैंक में काम करती थी, फेसबुक के जरिए आगरा निवासी उजैर से उसका संपर्क हुआ और कथित मानव तस्कर के प्रेमजाल में वह फंस गई. शहजादी का चेहरा जला हुआ था. उजैर ने उसे इलाज के लिए आगरा बुला लिया. वहां से उसे इलाज करने के नाम पर आगरा के मूल निवासी और वर्तमान में दुबई में रहने वाली दंपति फैज और नादिया के हाथ उसका सौदा कर दुबई भिजवा दिया. वहां शहजादी को फैज के यहां घरेलू नौकर की तरह काम करना पड़ता था.

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लगा था बच्चे की हत्या का आरोप
शहजादी के पिता शब्बीर के मुताबिक, फैज और उसकी पत्नी शहजादी को टॉर्चर किया करते थे. इसी बीच फैज का 4 साल के बेटे की बीमारी के दौरान मौत हो गई. जिसका आरोप दंपति ने शहजादी पर लगाते हुए उसे गिरफ्तार करा दिया. दुबई की कोर्ट ने चार महीने पहले ही शहजादी को बच्चे की हत्या के जुर्म में मौत की सजा सुनाई, जिस पर शहजादी के परिजनों ने बांदा सीजेएम कोर्ट में फरियाद कर कोर्ट के आदेश पर आरोपी उजैर और दुबई में रहने वाले दंपति के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया. साथ ही पीएम मोदी से शहजादी को बचाने की फरियाद की थी.

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