छत्तीसगढ़

पारिवारिक विवाद में प्रधानाध्यापिका ने लगाई फांसी, घर से लेकर स्कूल तक शोक की लहर

जगदलपुर

परपा थाना क्षेत्र कस तोकापाल बेडागुड़ा में रहने वाली प्रधानाध्यापिका ने मंगलवार की सुबह अपने घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी लगते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और शव को नीचे उतारा। वहीं उसे पीएम के लिए डायल 112 की मदद से मेकाज लाया गया। वहीं प्रधानाध्यापिका की मौत की खबर लगते ही घर से लेकर स्कूल में शोक की लहर छा गई।

मामले के बारे में जानकारी देते हुए मृतिका कांति नागेश के मौसा जीतू ठाकुर ने बताया कि बुरुंगपाल के स्कूल में प्रधानाध्यापिका के पद में पदस्थ कांति नागेश 37 वर्ष अपने मां, पिता के अलावा एक छोटे भाई के साथ रहती थी। घर के पास ही रहने वाले रिश्तेदारों से विगत कई वर्षों से किसी न किसी बात को लेकर आये दिन विवाद होने का आरोप भी लगाया।

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इसके अलावा कई बार इस मामले को लेकर परिजनों के द्वारा थाने में शिकायत देने के साथ ही पंचायत तक में मामले की शिकायत दी गई। लेकिन कोई भी हल नही निकला। मंगलवार की सुबह कांति अपने कमरे से निकल कर बाथरूम तक गई। उसके बाद वापस कमरे में चली गई। आठ बजे तक जब बाहर नहीं आई तो उसकी मां बुटकी नागेश कमरे में गई। जहां बेटी को फांसी के फंदे पर झूलते हुए देखा।

इसके बाद उन्होंने आसपास के लोगों को बताया। जिसके बाद शव को नीचे उतारा गया। जहां शव को पीएम के लिए मेकाज ले जाया गया है। वहीं परिजनों के द्वारा आरोप लगाया गया है कि रिश्तेदारों के द्वारा लगातार आये दिन हो रहे विवाद के चलते प्रधानाध्यापिका ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों को कमरे से किसी भी प्रकार का कोई सुसाइट नोट बरामद नही हुआ है। शिक्षिका की मौत की खबर लगते ही स्कूल में शोक की लहर छा गई है।

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