छत्तीसगढ़जांजगीर चांपा

रंग पंचमी पर पीथमपुर में निकली बाबा कलेश्वर नाथ की बारात, उमड़ा भक्तों का हुजुम

जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम पंचायत पीथमपुर में हसदेव नदी के तट पर विराजमान बाबा कलेश्वरनाथ की बारात पालकी यात्रा श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम है। इस यात्रा में हर साल हजारों की संख्या में भक्त शामिल होते हैं और बाबा के दर्शन कर अपना जीवन धन्य मानते हैं।बाबा कलेश्वरनाथ महादेव के स्वरूप माने जाते हैं, और भक्तगण उनकी पालकी यात्रा में उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। यह यात्रा न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक महत्व भी रखती है, क्योंकि इसमें पारंपरिक रीति-रिवाजों, भजन-कीर्तन और नृत्य का विशेष आयोजन किया जाता है। यात्रा के दौरान पूरा वातावरण “हर हर महादेव” और “जय कलेश्वरनाथ” के जयकारों से गूंज उठता है।


भक्तों की मान्यता है कि जो भी सच्चे मन से बाबा के दरबार में अपनी मनोकामना लेकर आता है, उसकी इच्छा अवश्य पूरी होती है। यही कारण है कि इस यात्रा में भाग लेने के लिए श्रद्धालु सैकड़ों मील दूर से भी पिथमपुर पहुंचते हैं। यहां आने वाले श्रद्धालु बाबा कलेश्वरनाथ के दर्शन करने के बाद हसदेव नदी में स्नान भी करते हैं, जिससे उनके पापों का नाश होने और पुण्य प्राप्ति की मान्यता है।

See also  छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचे उपराष्ट्रपति : सीपी राधाकृष्णन कई कार्यक्रमों में होंगे शामिल, महतारी वंदन योजना की 21वीं किश्त भी करेंगे जारी

इस अवसर पर मेले का भी आयोजन किया जाता है, जिसमें विभिन्न प्रकार की दुकानें, झूले और पारंपरिक व्यंजन भक्तों के आकर्षण का केंद्र होते हैं। यह यात्रा न केवल धार्मिक भक्ति का प्रतीक है, बल्कि लोक संस्कृति और परंपराओं को भी संजोए रखती है।


बाबा कलेश्वरनाथ की पालकी यात्रा आस्था, भक्ति और उल्लास का प्रतीक है, जिसमें हर साल भक्तों का भीड़ उमड़ पड़ता है। श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ इस यात्रा में भाग लेते हैं और बाबा से आशीर्वाद प्राप्त कर अपने जीवन को सफल बनाने की कामना करते हैं।

Related Articles

Leave a Reply