छत्तीसगढ़जांजगीर चांपा

शबरी धाम से छत्तीसगढ़ की काशी तक भक्ति का जनसैलाब, तोपों की सलामी के साथ निकली छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी कावड़ यात्रा

शिवरीनारायण : सावन के तीसरे रविवार शबरी की नगरी शिवरीनारायण से छत्तीसगढ़ की कांशी खरौद तक शाही पालकी के साथ भव्य कावड़ यात्रा निकाली गई। यह यात्रा छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी व भव्य कावड़ यात्रा रही। कावंड़ यात्रा में शिव भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।

लोगों ने जगह जगह पुष्प वर्षा कर कावंड़ यात्रा का स्वागत किया। सावन के तीसरे रविवार यह कांवड़ यात्रा आयोजित की गई। गाजे बाजे के साथ भव्य कांवड़ यात्रा राम वन पथ गमन भगवान श्रीरामचन्द्र जी के भव्य प्रतिमा के पास स्थित पुराना रपटा घाट से निकलकर रेस्ट हाउस रोड, केरा चौक, मेन रोड़, बॉम्बे मार्केट, नटराज चौक, शबरी चौक बस स्टैण्ड से खरौद रोड़ होते हुए छत्तीसगढ़ की काशी खरौद स्थित लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर पहुँची।

जहाँ भगवान लक्षमणेश्वर महादेव का विशेष पूजा अर्चना कर पंचामृत से अभिषेक किया गया। आयोजन का यह पांचवा वर्ष रहा। विशाल कांवड़ यात्रा के साथ उज्जैन महाकाल नगरी की तर्ज पर बाबा महाकाल के रूप में शाही पालकी सवारी निकाली गई। पालकी को थाईलैंड के आकर्षक रंग बिरंगे फूलों से सजाया गया था। साथ ही उज्जैन में बाबा महाकाल की पालकी को पिछले 6 पीढ़ी से सलामी देने वाले बैरागी परिवार ने बाबा कों राजसी ठाठ बाठ के साथ तोपों की सलामी दी। घोड़ों के दल बाबा को ध्वज सलामी रहे थे।

naidunia_image

एनसीसी नेशनल कैडेट कोर के द्वारा बाबा को विशेष रूप से परेड सलामी दी गईं। अमरावती महाराष्ट्र से आए 20 कलाकरों की टीम द्वारा जीवंत झांकियों की प्रस्तुति दी जिनके साथ एक विशालकाए नंदी महाराज भी रहे।

naidunia_image

सीहोर ओडिसा दुर्ग अलग अलग जगहो से विशाल आदमकद मनमोहक झांकियां जैसे आदमकद विशालकाय नंदी जी महाराज की मूर्ति जिसमे गणेश जी माता पार्वती के गोद में देवादिदेव महादेव स्वयं सवार एवं शिव पंचायतन परिवार के साथ विराजमान रहे।

विशालकाए अति मनमोहक नयनप्रिय आशीर्वाद मुद्रा माता पार्वती एवं शिव के हाथ त्रिशूल डमरू वासुकि के साथ शोभायमान हो रहे थे। यात्रा में आकर्षक जीवंत झांकियां भी दिखी। जिसमे अघोरी टीम के द्वारा दमकेदार फायर शो का प्रदर्शन किया गया।ट्रेलर में अलग अलग वेशभूषा में सुसज्जित हीरा, कालू, पांडा व गोरिल्ला परिवार भी यात्रा में शामिल थे। यात्रा में आदियोगी की अद्भुत आदमकद प्रतिमा ढ़ोल नगाड़े नदी व त्रिसूल के साथ थे, जो इस यात्रा की आध्यात्मिक ऊंचाई और महत्ता को दर्शा रहा था।

यात्रा में ऑपरेशन सिंदूर में इस्तमाल किए गए ब्रम्होश मिसाइल को भी शामिल किया गया। एक से बढ़कर एक कई डीजे व धुमाल में महादेव के भक्ति गानों में शिव भक्त झूमते रहे। बोल बम, हर हर महादेव, बम बम भोले, जय जय शिवशंकर के जयकारों से शहर गुंजायमान हो रहा था। नगर के वीडियो चौक और भगवान लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर में नागपुर और मुंबई से आई आतिशबाज़ी टीम द्वारा भव्य आकर्षक आतिशबाज़ी का प्रदर्शन किया गया। लोगों ने अपने घरों व दुकानों के सामने परिवार सहित बाबा महाकाल के दर्शन पूजन कर परिवार में सुख शांति की।

पूरे रास्ते भर लोगों ने जगह जगह यात्रा का स्वागत पुष्पवर्षा कर चाय, पानी, शरबत, पोहा, पूड़ी खीर, फल आदि से किया। कांवड़ यात्रा के समापन के पश्चात अंत में मध्यनगरी चौक में डोम पंडाल के नीचे भोलेनाथ के विशाल भंडारे का आयोजन किया। जिसके लिए खरौद मंदिर से भंडारे स्थल तक विशेष बस सुविधा की व्यवस्था की गई थी। भंडारे में बड़ी संख्या में लोगों ने चांवल, दाल, पूड़ी, सब्जी व खीर का प्रसाद ग्रहण किया। कावंड़ यात्रा में हजारों की संख्या में भगवान भोलेनाथ के भक्त शामिल हुए।

Related Articles

Leave a Reply