छत्तीसगढ़

“20 वर्षों की सेवा, फिर भी अनदेखी! NHM कर्मचारियों ने कहा- अब आरपार की लड़ाई”

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के 16,000 से अधिक संविदा कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। आज हड़ताल के आठवें दिन संविदा प्रथा का पुतला दहन कर सांकेतिक दाह संस्कार किया गया। कर्मचारियों ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ उनका नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता और स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूती से जुड़ा हुआ है।

NHM कर्मचारी संघ की 10 सूत्रीय मांगों में नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन, स्थानांतरण नीति और सामाजिक सुरक्षा जैसे बिंदु शामिल हैं। संघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष श्याम मोहन दुबे ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र ठोस निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन और उग्र होगा। हड़ताल के चलते जिला चिकित्सालय, CIMS, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित जिले के 50 से अधिक सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हो रही हैं। OPD, सर्जरी, टीकाकरण, आपातकालीन सेवाएं, और रिपोर्टिंग कार्य ठप हो चुके हैं।

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CHOs और ANMs के हड़ताल पर होने से गांवों के उप स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह बंद हैं, जिससे बरसात में सर्दी-खांसी, उल्टी-दस्त जैसी बीमारियों के इलाज में जनता को भारी दिक्कतें हो रही हैं। मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। जिला अध्यक्ष राजकुमार यादव, उपाध्यक्ष जीवन महंत, महामंत्री ऋतुराज शर्मा, महिला विंग अध्यक्ष अजीता पांडेय सहित सैकड़ों कर्मी आंदोलन में शामिल हैं।

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