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काम के लिए तरसे कई आईपीएस अफसर : पीएचक्यू में बैठे, कई लगा रहे केवल हाजिरी

रायपुर। पुलिस विभाग में इन दिनों दो तस्वीरें दिख रही हैं। एक तस्वीर ऐसी है जहां कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों के पास इतना काम है कि वे दिन रात काम के बोझ से दबे हुए हैं, उन्हें सिर उठाने की भी फुरसत नहीं है। इसके उलट दूसरी तरफ पुलिस मुख्यालय में कई वरिष्ठ और काबिल अफसर दफ्तर में बैठे अपना समय काट रहे हैं, उनके पास कोई काम नहीं है। कई ऐसे हैं जो केवल हाजिरी लगाने ही मुख्यालय पहुंचते हैं।

ऐसे अफसरों में एडीजी से लेकर एसपी रैंक तक के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी हैं। खास बात ये है कि इनमें से कुछ अधिकारी पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में प्रभावी भूमिका में थे, लेकिन राज्य में सरकार बदलने के बाद से हाशिए पर हैं। पुलिस में सभी प्रमुख पदों पर अधिकारियों की पोस्टिंग जाहिर है सरकार की पसंद या उनकी कार्यक्षमता के आकलन के हिसाब से होती है। ये अलग बात है कि किस अधिकारी के कामकाज का किस सरकार में किस प्रकार मूल्यांकन या आकलन किया जाता है। बहरहाल छत्तीसगढ़ में पिछले साल 2023 में सरकार बदलने के बाद से कई अफसरों को फील्ड से हटाकर पुलिस मुख्यालय में भेजा गया है, वे वहीं पदस्थ है, लेकिन उन्हें अब तक कोई महत्वपूर्ण दायित्व नहीं मिल पाया है। इन अधिकारियों को उनकी वरिष्ठता एवं अनुभव के आधार पर महत्वपूर्ण दायित्व मिलने का इंतजार है।

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दीपांशु पुलिस मुख्यालय में पदस्थ

पुलिस मुख्यालय के सूत्रों के अनुसार जिन वरिष्ठ अधिकारियों को सरकार ने अब तक कोई महत्वपूर्ण दायित्व नहीं दिया है और वे पुलिस मुख्यालय में ही पदस्थ हैं। ऐसे अफसरों की सूची में एडीजी दीपांशु काबरा का नाम प्रमुख है। वे पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में महत्वपूर्ण दायित्व निभा चुके हैं। उनके पास जनसंपर्क विभाग में आयुक्त सह संचालक का दायित्व था। वे परिवहन विभाग में आयुक्त के रूप में भी सेवाएं दे रहे थे, लेकिन सरकार बदलने के कुछ समय बाद उन्हें बतौर एडीजी पुलिस मुख्यालय में पदस्थ किया गया है।

बीएन मीणा, डीआईजी राव पीएचक्यू में

इसी क्रम में आईजी बढ़ी नारायण मीणा का नाम भी शामिल है। वे भी रेंज आईजी के रूप में काम कर चुके हैं। इसी तरह डीआईजी बालाजी राव सोमवार कई जिलों में एसपी व डीआईजी के रूप में काम करने के बाद पुलिस मुख्यालय पहुंचे हैं। उनके पास कोई महत्वपूर्ण दायित्व नहीं है।

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डॉ. आनंद छाबड़ा और अजय यादव भी पीएचक्यू में

इसी क्रम में अगला नाम डॉ. आनंद छाबड़ा का है। वे आईजी के रूप में महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके हैं। फिलहाल पुलिस मुख्यालय में उनके पास कोई महत्वपूर्ण प्रभार नहीं है। इसी तरह अजय यादव जो पिछली सरकार के कार्यकाल में रेंज आईजी के रूप में फील्ड में काम कर रहे थे, कई जिलों के एसपी के रूप में काम कर चुके हैं, लेकिन अभी पुलिस मुख्यालय में वे आईजी के रूप में ही काम कर रहे हैं।

तेजतर्रार उदय किरण भी तरसे

डीआईजी अभिषेक मीणा, प्रखर पांडेय और नेहा चंपावत भी पुलिस मुख्यालय में हैं। इन्हें पुलिस महानिदेशक ने कुछ दायित्व दे रखे हैं, लेकिन महत्वपूर्ण  पदों पर सरकार ने इनकी पोस्टिंग नहीं की है। तेज तर्रार आईपीएस अधिकारियों में शुमार एआईजी उदय किरण का नाम शामिल है। वे जिलों में एसपी के रूप में काम करने के बाद अब पुलिस मुख्यालय में एआईजी के रूप में काम कर रहे हैं। 

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डीआईजी पारुल भी पीएचक्यू पहुंचीं

डीआईजी पारुल माथुर एसएसपी बिलासपुर और डीआईजी सरगुजा के रूप में काम कर चुकी हैं। फिलहाल वे पुलिस मुख्यालय में पदस्थ हैं। उन्हें कोई महत्वपूर्ण पद सरकार ने नहीं दिया है। पुलिस महानिदेशन ने मुख्यालय में डीडीओ का दायित्व दे रखा है।

अफसरों के बीच जल्द होगा नए सिरे से कार्य विभाजन – गृहमंत्री

वहीं PHQ में कई बड़े अफसरों के पास वर्कलोड होना और कुछ अफसरों के पास कोई काम नहीं होने संबंधी सवाल पर प्रदेश के गृहमंत्री और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि, अफसरों के बीच जल्द नए सिरे से कार्य विभाजन होगा। उन्होंने कहा कि, सभी को काम करने का बराबर अवसर मिले ऐसा निर्णय लेंगे।

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