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थाना प्रभारी बदलने पर भी नहीं सुधर रहा थाना, फर्जी बिल मामले में कोर्ट में चालान पेश करने में देरी, शिकायतकर्ता ने की एसपी-आईजी से शिकायत

बिलासपुर : पिछले कुछ महीनों से आतंक का प्रतीक बन चुके सरकंडा इलाके में कानून व्यवस्था में कोई सुधार होता नहीं दिखाई दे रहा है । कई मामले में पर्याप्त साक्ष्य होने के बाद भी फरियादी को अदालत जाने के लिए मजबूर किया जाता है और कोर्ट के आदेश के बाद ही अपराध पंजीबद्ध करवाने के बाद भी मामले को लटकाने का कार्य जिम्मेदार अफसरों द्वारा किया जाता है ।

ऐसा ही एक मामले सरकंडा थाना में फिर आया है सरकंडा थाना क्षेत्र के कोलिहा निवासी रामकिशोर सिंह ठाकुर ने अपनी पत्नी शिवरानी उर्फ रानी सिंह के खिलाफ न्यायालय में फर्जी बिल प्रस्तुत करने के मामले में शिकायत की थी। इस शिकायत के आधार पर सरकंडा थाना में धारा 420, 467, 468, 471 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। नौ महीने बीतने के बावजूद भी पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश नहीं किया है, जिससे रामकिशोर सिंह ने पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाए हैं।

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रामकिशोर सिंह का आरोप है कि एक अन्य मामले में सरकंडा थाना ने महज 15 दिन में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया था, जिसकी शिकायत के बाद तत्कालीन थाना प्रभारी के खिलाफ विभागीय जांच भी चल रही है , उसके बाद भी उनके मामले में नौ महीने से भी अधिक समय बीत गया है। उन्होंने एसपी, आईजी और पुलिस महानिदेशक से शिकायत की है आरोप है कि न्याय के लिए कई महीने से वह सरकंडा थाने का चक्कर लगा रहा है लेकिन पुलिस अफसरों द्वारा हीलाहवाला कर आरोपी को बचाने के चालान को कमजोर बना कर पुलिस आरोपी को संरक्षण दे रही है और उनके पक्ष को नजरअंदाज किया जा रहा है।

इससे पहले भी रामकिशोर सिंह ने थाने में शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। बाद में उन्होंने सीआरपीसी की धारा 156(3) के तहत न्यायालय में परिवाद दायर किया, जिसके आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई थी। अब देखना यह है कि सरकंडा पुलिस इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करती है और जिले के बड़े अफसर इस लापरवाही पर क्या एक्शन लेते है ।

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