छत्तीसगढ़

3 घंटे में आग पर पाया काबू:पहाड़ी धधकी, ब​स्तियों​ में घुसे जानवर जंगली सुअर के हमले से ग्रामीण की मौत

कांकेर : जिला मुख्यालय के निकट कोड़ेजुंगा बाइपास किनारे एक पहाड़ी रविवार को धधक उठी। इस पहाड़ी में कई जंगली जानवरों का डेरा है। असमाजिक तत्वों द्वारा पहाड़ में लगाई आग का नतीजा है कि जानवर यहां-वहां भागते रहे। बस्ती की ओर जानवर कुछ जगह हमलावार भी हुए।

जंगली जानवरों के रहवास वाले इलाके में हम घुस कर ज्यादती कर रहे हैं, जिससे गांव से सटे जंगल में जा रहे ग्रामीण जंगली जानवरों के गुस्से का शिकार हो रहे हैं। ऐसे ही मामले में दुर्गूकोंदल के ओडाहूर के जंगल में बकरी चराने गया ग्रामीण जंगली सूअर के हमले में मारा गया।

कोड़ेजुंगा की पहाड़ी आरेंज एरिया 352 में रविवार दोपहर अचानक धुआं उठने लगा। सूखे पत्ते होने के कारण आग भड़क गई और पहाड़ी का अधिकांश हिस्सा जलने लगा। धीरे-धीरे जल रही पहाड़ी का धुआं शहर में दूर तक दिख रहा था। दूर से नजारा किसी ज्वालामुखी की तरह दिखने लगे। बाईपास से गुजरने वाले वाहन वहां रूकने लगे और उसमें सवार लोग मोबाइल से इस नजारे को कैद करने लगे। सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला भी पहुंच गया। पहाड़ी में लगी आग को बुझाने काफी मशक्कत करनी पड़ी।

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हालांकि तीन घंटे में आग लगने वाले बड़े हिस्से पर काबू पा लिया गया था। इसके बाद अन्य हिस्सों को भी पूरी तरह बुझा दिया गया। कांकेर वन परिक्षेत्र अधिकारी रहमान खान ने बताया आग असमाजिक तत्वों ने लगाई थी, जिसकी चपेट में आने से सूखे पत्ते व छोटी-छोटी झाड़ियां जल गई। बड़े पेड़ को नुकसान नहीं हुआ है। आग लगने से इस इलाके में रहने वाले जानवर भी वहां से निकल गए।

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बकरी चराने जंगल गए ग्रामीण पर सुअर ने किया हमला, माैत

दुर्गूकोंदल के ओडाहूर निवासी ग्रामीण सदेराम नेताम 62 साल रविवार दोपहर बकरी चराने जंगल गया था। उस पर जंगली सुअर ने हमला कर दिया। वह शोर मचाने लगा। शोर सुन कर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल ग्रामीण को गांव लेकर आए। निजी वाहन में दुर्गूकोंदल पहुंचाया गया। सुअर ने ग्रामीण के हाथ, पैर, चेहरा, पीठ पर हमला किया था। उसके बाएं पसली में छेद हो गया था गंभीर स्थिति में दुर्गूकोंदल से कांकेर रेफर किया गया, लेकिन कोरर के निकट उसकी मौत हो गई।

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कांकेर जिले में पहली बार जंगली सूअर के हमले से हुई मौत

जिले के जंगल व पहाड़ों में कई खतरनाक जंगली जानवर व जीव जंतु मौजूद हैं। जंगली जानवरों में सबसे ज्यादा तेंदुआ व भालू के हमले से मौत होने की खबर आती है। साथ ही जीव जंतु में जहरीले सांप भी मौत का कारण बन रहे हैं। कुछ घटनाओं में मधुमक्खियों के हमले से भी मौत हुई है। कुछ सालों से हाथियों के हमले से दो लोगों की मौत हो चुकी है। यह पहली बार है जब जंगली सुअर के हमले से मौत का मामला सामने आया है। इससे पहले जंगली सुअर के हमले से घायल होने की खबर आती रही है।

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