छत्तीसगढ़

21 गांवों के लोगों में खुशियां लेकर आया नया साल: लंबे अर्से के बाद ग्रामीणों के घर में आई बिजली, रौशनी देख खिले चेहरे

मोहला। छत्तीसगढ़ के मोहला, मानपुर- अंबागढ़, चौकी जिले की पहाड़ियों पर उस दिन जैसे हवा भी उत्साह में डूबी हुई थी। सूरज ढल चुका था, लेकिन इस बार अंधेरा उतरने की जल्दी में नहीं था। क्योंकि, 21 गांवों में पहली बार बिजली की रोशनी जगमगाने वाली थी। शाम होते-होते कातुलझोरा, बोदरा, बड़े कट्टापार, बुकमरका, संबलपुर, गट्टेगहन, पुकदा, आमाकोडो, पीटेमेटा, केकडेहूर, टाटेकसा, अरसमेटा, जालवाही, कुंडकाल, रायमनोहरा, आमापैली, मुदेली, नैनगुडा, मेटातोडके, घोटियाकन्हार, बोदरा, तक 21 गांवो के हर घर के सामने लोगों की भीड़ जमा थी।

बच्चों की आंखों में चमक थी, महिलाएं दरवाज़े पर खड़े होकर उस पल का इंतज़ार कर रही थीं। बुजुर्ग शायद विश्वास करने की कोशिश कर रहे थे कि, दशकों बाद उनके जिंदगी के आखिरी पड़ाव में उनका गांव भी बिजली से रोशन हो रहा है। इतने में फिर एक क्लिक के साथ गांव में पहली बार बल्ब जगमगाया। पहली रोशनी देखते ही बच्चों ने तालियाँ बजानी शुरू कर दीं। गांव की महिलाएं खुशी से खिल उठीं अब हमारे बच्चे रात में पढ़ पाएंगे ये बोलीं। कुछ बुज़ुर्गों की आंखें नम हो गईं जैसे किसी पुराने सपने ने अचानक ज़िंदगी पा ली हो।

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पहाड़ों-पगडंडियों को चीरकर पहुंची उम्मीद
यह सफर आसान नहीं था, कहीं घने जंगल, कहीं पत्थरीले पहाड़, तो कहीं ऐसे रास्ते जिन पर केवल पैदल ही चला जा सकता था। लेकिन बिजली विभाग की टीम रोज़ सुबह निकलती और देर रात लौटती केवल एक लक्ष्य के साथ कि इन गांवों की किस्मत बदलनी है। विद्युत मंडल की मेहनत का फल अब इन गांवों के हर घर-आँगन में बिजली जगमगा रही है।

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