छत्तीसगढ़

गांव के बाजार में भेल खाकर 75 से ज्यादा बच्चे फूड पॉइजनिंग के शिकार, प्रशासन में हड़कंप

राजनांदगांव

जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर ठेलकाडीह क्षेत्र के गातापार कला गांव में फूड पॉइजनिंग 75 से ज्यादा बच्चों के बीमार हो गए। बच्चों की हालत बिगड़ते देख ग्रामीणों ने सभी को पेंड्री मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। जानकारी के अनुसार सोमवार को गांव में बाजार था और इस दौरान बच्चों ने भेल और अन्य चीजें खाई थीं। मंगलवार सुबह से बच्चों को तकलीफ शुरु हुई और एक-एक कर 35-40 बच्चों को उल्टी दस्त होना शुरु हो गया। इसके बाद मंगलवार शाम तक बीमार बच्चों की संख्या बढ़कर 75 तक पहुंच गई। जिसके बाद सभी को अस्पताल में भर्ती किया गया है। डोंगरगढ़ विधायक भुवनेश्वर बघेल ने बताया कि बच्चों की स्थिति को देखते हुए उन्होंने सभी को मेडिकल कालेज में भर्ती कराया है। उन्होंने बताया कि सभी बच्चों की स्थिति अब पहले से बेहतर है। इधर राजनांदगांव कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा भी मध्यरात्रि को शासकीय मेडिकल कॉलेज पेंड्री पहुंचे। वहां ग्राम गातापारकला में फूड पॉइजनिंग से बीमार हुए बच्चों एवं मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी उनके साथ रहे। उल्लेखनीय है कि ग्राम गातापारकला के 75 लोगों का फूड पॉइजनिंग से स्वास्थ्य खराब हुआ, जिनमें से 47 बच्चे हैं। जिन्हें शासकीय मेडिकल कॉलेज पेंड्री में भर्ती कर तत्काल उपचार आरंभ किया गया है और राहत पहुंचाई गई है। ग्राम गातापारकला एसडीएम एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम भी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा ग्रामवासियों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है।

दूषित पानी की शिकायत, मेडिकल टीम पहुंची गांव
पता चला है कि गांव में दूषित पानी की आपूर्ति की भी शिकायत है। एक साथ बड़ी संख्या में बच्चों में उल्टी और दस्त की शिकायत के बाद मेडिकल टीम गांव में पहुंच गई और पानी की भी जांच की जा रही है। इधर अस्पताल में बच्चों का इलाज जारी है। ठेलकडीह थाना प्रभारी सतीष पुरिया ने बताया कि गातापार कला से जानकारी आई थी कि कुछ बच्चों को उल्टी दस्त की शिकायत हो रही है। जिस पर पुलिस की टीम तत्काल गांव पहुंची और राहत कार्य में जुट गई है। एम्बुलेंस से बच्चों को राजनांदगांव भेजा गया है।

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