छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़: बंधक युवक को छुड़ाने गये पुलिस को मिला करोड़ा के सट्टा का कारोबार

दुर्ग

पुलिस ने एक बंधक युवक को छुड़ाने के लिए तालपुरी इलाके में छापेमारी की, लेकिन वहां उन्हें करोड़ों का सट्टा और उसके खाईवाल हाथ लग गए। पुलिस ने मौके से बंधक को तो छुड़ाया ही, साथ ही लैपटॉप, दर्जनों मोबाइल फोन जब्त कर 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह जिले का अब तक का सबसे बड़ा सट्टा गिरोह हो सकता है। इसके तार बड़े-बड़े शहरों से जुड़े हैं। इसके लिए पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही पुलिस उन 12 बैंक अकाउंट की छानबीन भी कर रही है, जिसमें आरोपियों ने अब तक 4 करोड़ से अधिक का लेन-देन किया है।

SSP बीएन मीणा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि अरुण मिश्रा नाम के व्यक्ति ने भिलाई नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके भाई हिमांशु मिश्रा को कुछ लोगों ने किडनैप कर लिया है। वह लोग उसे तालपुरी में के फ्लैट नंबर 308 में बंधक बना कर रखे हुए हैं। इतना ही नहीं उन लोगों ने उसके भाई को छोड़ने के एवज में 2 लाख रुपए की मांग की है।

इसके बाद SSP दुर्ग जितेंद्र कुमार यादव ने सिविल टीम, साइबर टीम और थाना भिलाई नगर की संयुक्त टीम के लेकर मौके पर पहुंचे और फ्लैट नं. 308 की घेराबंदी की। छापेमारी के दौरान उन्होंने वहां से बंधक हिमांशु मिश्रा को तो छुड़ाया ही, साथ ही यह भी पाया कि आरोपी मैनाक दत्ता और अयाज खान अपार्टमेंट में अपेक्स सोल्युशन कंपनी का संचालन करने की आड़ में क्रिकेट सट्टा भी चला रहे थे। पुलिस ने इनके पास से 35 नग मोबाइल, 2 नग लैपटॉप, 1 कम्प्यूटर सेट, वाई फाई, राउटर, अलग-अलग बैंको के पासबुक व एटीएम कार्ड सहित 4 करोड़ से अधिक के लेनदेन के हिसाब को जब्त किया है। पुलिस ने क्रिकेट सट्टा का संचालन करने में शामिल 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अभी एक आरोपी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।

पुलिस ने जो बैंक पासबुक और दस्तावेज जब्त किया है उससे पता चलता है कि इन आरोपियों के तार दूसरे राज्यों से जुड़े थे। इन लोगों ने उत्तर प्रदेश, बिहार, जगदलपुर समेत छत्तीसगढ के लोगों को ऑनलाइन सट्टे के कारोबार में शामिल कर कई करोड़ का लेनदेन किया है।

बंधक युवक हिमांशु मिश्रा ने बताया कि वह ड्राइवरी का काम करता है। करीब 20-25 दिन पहले रिक्की पारख के यहां नौकरी के लिए गया था। रिक्की ने उसे और उसके बड़े भाई अरूण को नौकरी देने की बात कही। उसने दोनों को तालपुरी के अपार्टमेंट फ्लैट नंबर 308 में मैनाक दत्ता के पास भेजा। वहां कुछ दिन काम करने के बाद उसे व उसेक भाई को पता चला वह लोग ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा का कारोबार कर रहे हैं। जिसके बाद जैसे ही दोनों ने वहां नौकरी न करने की बात कही तो रिक्की पारख और मैनाक दत्ता ने धमकी दी की यदि वहां से बाहर गए तो जान से मार देंगे। इसी बीच अरुण किसी तरह अपार्टमेंट से निकल कर भाग गया। भाई के जाने के बाद उन लोगों ने हिमांशु को बंधक बना लिया और परिवार वालों से छोडने के एवज में 2 लाख रुपए की मांग की।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मैनाक दत्ता उस अपार्टमेंट में मेडिकल इक्यूपमेंट और वाटर टैंक सफाई करने वाली अपेक्स सोल्युशन नाम से कंपनी का संचालन कर रहा था। इसकी आड़ में वह यहां क्रिकेट सट्टे का अवैध कारोबार चला रहा था। उसने इस कंपनी में 10 लोगों को भर्ती किया था और उन्ही के सहयोग से क्रिकेट सट्टे का ऑनालाइन कारोबार किया जा रहा था। महावीर क्लाथ का संचालक रिक्की पारख निवासी जलेबी चौक कैंप 2 अभी फरार है।

पुलिस ने मैनाक दत्ता (38 वर्ष) निवासी तालपुरी बंगला 99, गोविंद कुलु (29 वर्ष) निवासी धरमपुरा नेगीगुड़ा जगदलपुर, जावेद अंसारी (22 वर्ष), निवासी दुर्ग, अयाज खान (24 वर्ष) निवासी मुस्लिम संसंत भवन के पास केलाबाड़ी दुर्ग, भानु कुमार कुशवाहा (22 वर्ष) निवासी नदियांव थाना हसनपुरा जिला सिवानी बिहार, अनुराग मिश्रा (31 वर्ष) निवासी, प्रगतिनगर स्ट्रीट 20 रिसाली, श्रवण सिंह (32 वर्ष) निवासी स्ट्रीट 5 सेक्टर 4 भिलाई, लोकेश सुरेश सुबड़े (30 वर्ष) निवासी नानवाड़ा नागपुर थाना धंधरा घाट के पास, निकेत त्रिपाठी (37 वर्ष) निवासी प्रतापगढ़ नवागढ़ उत्तर प्रदेश, मोहम्मद हाबिश (22 वर्ष) निवासी केलाबाड़ी मुस्लिम सराय के पीछे, नीरज कुमार कुशवाहा (28 वर्ष) निवासी नदियाओ थाना एमएच नगर सिवान बिहार, संकल्प सिंह (30 वर्ष) निवासी हनुमान नगर दुर्ग बलियापुरम् के को गिरफ्तार किया है।

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