छत्तीसगढ़

‘राष्ट्रपिता पर रार’ : सीएम बघेल बोले- उत्तेजक बातें बर्दाश्त नहीं, सख्त कार्रवाई होगी…

रायपुर

धर्म संसद में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर जुबानी जंग अब सियासी गलियारे तक पहुँच चुका है. इस मामले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बड़ा बयान सामने आया है. सीएम ने कहा कि अभी तक बीजेपी के नेताओं की ओर से कोई बयान क्यों नहीं आया? इस पर बीजेपी क्यों मौन है? सीएम भूपेश बघेल ने कालीचरण महाराज पर निशाना साधते हुए कहा कि यह धरती शांति का है, प्रेम का है, भाईचारे का है, गुरु घासीदास की धरती है. जहां उत्तेजक बातें, अहिंसात्मक बातें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी. राष्ट्रपिता के बारे में इस तरह की बातें कहना निश्चित रूप से यह दर्शाता है कि उनकी मानसिक स्थिति क्या है. इसकी जितनी निंदा की जाए कम है. प्रशासन की ओर से जितने कड़े से कड़ा कदम हो सकता है उठाया जाएगा. विधि सम्मत कार्रवाई होगी. समाज में जहर घोलने की कोशिश करेंगे तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. एफआईआर दर्ज हो गई है. बता दें कि छत्तीसगढ़ के धर्म संसद में कालीचरण महाराज के विवादित बयान के बाद कांग्रेस पार्टी ने रायपुर के सिविल लाइन थाने में उनके खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है. कालीचरण महाराज के खिलाफ टिकरापारा थाने में भी अपराध दर्ज किया गया है. राजधानी रायपुर के रावणभाठा में दो दिवसीय धर्म संसद का आयोजन किया गया था. इसके आखिरी दिन महाराष्ट्र से आए कालीचरण ने खुले मंच से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को अपशब्द कहे और महात्मा गांधी को गोली मारने वाले को प्रणाम किया. इसके अलावा कालीचरण ने 1947 के विभाजन का भी अपने संबोधन में जिक्र किया और भीड़ को चेतावनी दी कि देश में राजनीति के द्वारा एक धर्म विशेष का कब्जा हो जाएगा. वो इसके लिए तैयार है और आप तैयार नहीं हैं. कालीचरण महाराज ने धर्म संसद को संबोधित करते हुए कहा था कि इस्लाम का लक्ष्य राजनीति के माध्यम से राष्ट्र पर कब्जा करना है. हमारी आंखों के सामने उन्होंने 1947 में कब्जा कर लिया था. उन्होंने पहले ईरान, इराक और अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था. उन्होंने राजनीति के माध्यम से बांग्लादेश और पाकिस्तान पर कब्जा कर लिया था. मैं नाथूराम गोडसे को सलाम करता हूं कि उन्होंने गांधी की हत्या कर दी. इसके बाद लोगों ने तालियां भी बजाई.

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