छत्तीसगढ़

आज से शुरू हुआ नौतपा, रोज कमाकर खाने वाले ज्यादा परेशान, जानें पूरे 9 दिन क्या करें, क्या न करें

रायपुर। नौतपा काल सोमवार से शुरू हो गया। पहले ही दिन इसने अपने तीखे और डरावने तेवर दिखाने शुरू कर दिए। सुबह आठ बजे के बाद ही सूर्य की तपिश ऐसी महसूस होने लगी मानो आसमान से आग बरस रही हो। तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया। दोपहर होते-होते सड़कें वीरान हो गईं, बाजारों की रौनक गायब हो गई और लोग घरों में कैद होने को मजबूर दिखे।

राजधानी रायपुर में रुक रुकर बीते एक हफ्ते से सूर्य देव अपना कहर बरपा रहे है। वहीं आज दोपहर करीब दो बजे का दृश्य भयावह नजर आया। आम दिनों में जहां वाहनों और लोगों की आवाजाही लगी रहती है, वहीं सोमवार को पूरी सड़क सुनसान पड़ी रही। कुछ ही लोग सिर पर गमछा बांधे और चेहरे को कपड़े से ढंककर तेजी से गुजरते दिखे। गर्म हवा के थपेड़े इतने तेज थे कि कुछ मिनट धूप में खड़ा होना भी मुश्किल महसूस हो रहा था।

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मौसम विभाग के अनुसार जिले में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच चुका है, जबकि आने वाले दिनों में इसके 47 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है।

कहा जाता है नौतपा के दौरान सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है और उसकी किरणें पृथ्वी पर लगभग सीधी पड़ती हैं। इससे जमीन तेजी से गर्म होती है और वातावरण में हीट वेव की स्थिति बन जाती है। हवा में नमी कम होने और धरती के लगातार तपने से लू का असर और अधिक खतरनाक हो जाता है।

मजदूरों को हो रही परेशानी

सबसे अधिक परेशानी खेतों में काम कर रहे किसानों, दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों और राहगीरों को हो रही है। खेतों में काम कर रहे कई मजदूर पेड़ों की छांव में बैठकर राहत पाने की कोशिश करते दिखे, लेकिन वहां भी गर्म हवा से राहत नहीं मिल रही थी।

डॉक्टर ने दी सलाह

शरीर को हाइड्रेटेड रखें

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दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है. कोशिश करें कि रोजाना 3 से 4 लीटर पानी जरूर पिएं. जरूरत पड़ने पर ओआरएस, नींबू पानी या नमक-चीनी का घोल भी ले सकते हैं.

हल्के और सूती कपड़े पहनें

गर्मी में ढीले, हल्के रंग के और सूती कपड़े पहनना बेहतर रहता है, क्योंकि ये शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं.

धूप में निकलते समय रखें सुरक्षा

अगर बाहर जाना जरूरी हो तो सिर, चेहरा और गर्दन को अच्छी तरह ढकें. टोपी, छाता, गमछा या स्कार्फ का इस्तेमाल करें ताकि सीधी धूप से बचाव हो सके.

दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें

दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच गर्मी सबसे ज्यादा होती है. ऐसे समय में घर के अंदर रहना सुरक्षित माना जाता है.

गर्मी में क्या न करें?

अधिक गर्मी में मेहनत वाले काम करने से शरीर जल्दी थक सकता है और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है.

बच्चों और पालतू जानवरों को गाड़ी में अकेला न छोड़ें.

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बंद वाहन के अंदर तापमान बहुत तेजी से बढ़ता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है.

डिहाइड्रेशन बढ़ाने वाले पेय पदार्थ कम पिएं

शराब, ज्यादा चाय-कॉफी, कोल्ड ड्रिंक्स और फिजी ड्रिंक्स शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकते हैं, इसलिए इनसे दूरी बनाना बेहतर है।

बेवजह बाहर घूमने से बचें. जरूरत न हो तो तेज धूप में बाजार या अन्य जगहों पर जाने से बचें.

किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?

यदि चक्कर आना, उल्टी, अत्यधिक पसीना, कमजोरी या थकान महसूस हो तो इसे सामान्य न समझें. ऐसे लक्षण हीट स्ट्रोक या डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकते हैं। स्थिति बिगड़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक नौतपा के दौरान शरीर का तापमान संतुलित रखना सबसे जरूरी है। हल्का, ताजा और आसानी से पचने वाला भोजन लें और पर्याप्त आराम करें। सही सावधानी अपनाकर भीषण गर्मी के असर से काफी हद तक बचा जा सकता है।

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