छत्तीसगढ़

राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी खबर: अब बंद होगा OTP सिस्टम, अंगूठा या आंख स्कैन न होने पर ‘नामिनी’ बनेगा सहारा

बिलासपुरः बढ़ती उम्र, बीमारी या दिव्यांगता के कारण बुजुर्गों के अंगूठे और आंख के निशान बायोमेट्रिक मशीन में कई बार स्केन नहीं हो पाते, जिससे वे राशन से वंचित रह जाते हैं। ऐसे असमर्थ हितग्राहियों के लिए अब उत्तराधिकारी यानी नामिनी की सुविधा शुरू की गई है। वहीं फर्जीवाड़े को रोकने के लिए ओटीपी के जरिए राशन देने की व्यवस्था पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा रहा है।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन वितरण में अब नई व्यवस्था लागू होगी। शासन ने सभी पात्र हितग्राहियों से स्वयं उचित मूल्य दुकान पहुंचकर बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद राशन लेने की अपील की है। खाद्य विभाग के अनुसार पिछले कुछ समय से बड़ी संख्या में हितग्राही ओटीपी के माध्यम से राशन प्राप्त कर रहे थे, जिसके बाद व्यवस्था की समीक्षा की गई।

नई गाइडलाइन के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग, दिव्यांग, बीमार या अन्य कारणों से दुकान तक नहीं पहुंच पाने वाले या बायोमैट्रिक स्केन न होने वाले हितग्राही अपने स्थान पर एक अधिकृत उत्तराधिकारी बना सकेंगे। पंजीकरण के बाद यह उत्तराधिकारी बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए राशन प्राप्त करेगा।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में फिलहाल लगभग पांच प्रतिशत राशन का उठाव ओटीपी के माध्यम से हो रहा है। नई व्यवस्था लागू होने से राशन वितरण प्रणाली और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनने की उम्मीद है। शासन का मानना है कि बायोमेट्रिक को प्राथमिकता मिलने से वास्तविक हितग्राहियों तक सीधे लाभ पहुंचेगा।

खाद्य विभाग के अनुसार ओटीपी सिस्टम का कई जगह गलत इस्तेमाल होने की शिकायतें मिल रही थीं। इसी को ध्यान में रखते हुए शासन ने इस पर अंकुश लगाया है। बीमार और असमर्थ लोगों को परेशानी न हो, इसीलिए नामिनी की व्यवस्था को जोड़ा गया है ताकि हकदार का राशन कोई दूसरा न हड़प सके।

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