छत्तीसगढ़जांजगीर चांपा

आम के लिए जेल और रीलबाज के लिए सिर्फ चालान? जांजगीर पुलिस की दोहरी कार्रवाई से भड़का जनाक्रोश

जांजगीर: रीलबाजी और स्टंट के मामलों में पुलिस की कार्रवाई को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ट्रैक्टर पर स्टंट करते हुए बनाई गई वीडियो प्रसारित होने के बाद संबंधित युवक के खिलाफ पुलिस ने चालानी कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि मामले में कार्रवाई को लेकर आयोजन से जुड़ी टीम के सदस्यों की पुलिस अधिकारियों से संपर्क किए जाने की चर्चा भी सामने आई। हालांकि अंततः पुलिस ने संबंधित रीलबाज को बुलाकर माफीनामा लिया और चालान काटकर छोड़ दिया।

इस कार्रवाई ने पुलिस की कार्रवाई के तरीके को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर इसलिए कि कुछ समय पहले खोखरा स्टेडियम के ट्रैक पर वाहन चलाकर रील बनाने के मामले में पुलिस ने अपेक्षाकृत सख्त कार्रवाई की थी। 
संबंधित युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे जेल भेजने तक की कार्रवाई सामने आई थी।

इसी तरह कार नीलामी कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार से जुड़े एक मामले में भी नियमों के उल्लंघन पर पुलिस की सख्ती देखने को मिली थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि ट्रैक्टर पर स्टंट कर रील बनाने के मामले में केवल चालान तक कार्रवाई क्यों सीमित रही, क्या रीलबाजी और स्टंटबाजी के मामलों में कार्रवाई का पैमाना सभी के लिए समान है या फिर मामले की परिस्थितियों और संबंधित लोगों के प्रभाव के आधार पर कार्रवाई का तरीका बदल जाता है।

मामले को लेकर अब आगामी ग्रैंड गरबा आयोजन को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में मनोरंजन के साथ सामाजिक मर्यादा बनाए रखना भी आयोजकों और प्रशासन की जिम्मेदारी है। ऐसे में सवाल यह है कि आयोजन से पहले ही प्रस्तुति और कार्यक्रम की प्रकृति को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे या नहीं।

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि पारंपरिक गरबा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के नाम पर होने वाले आयोजनों में अश्लील अथवा आपत्तिजनक प्रस्तुतियों को लेकर प्रशासन पहले से सतर्कता बरते। सार्वजनिक आयोजनों में ऐसी सामग्री या प्रस्तुति न हो, जिससे सामाजिक मर्यादा प्रभावित हो, इसके लिए आयोजकों को स्पष्ट निर्देश दिए जाने की जरूरत बताई जा रही है।

Related Articles

Leave a Reply