छत्तीसगढ़

दरिंदे को फांसी की सजा : 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद की हत्या, चाचा ही निकला आरोपी

दुर्ग। मोहन नगर थाना के ओम नगर उरला में अप्रैल 2025 को राम नवमी के दिन साढ़े 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या करने वाले चाचा को दुर्ग कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई। मामले में सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई। कोर्ट ने आरोपी चाचा को दोषी मानते हुए यह निर्णय सुनाया। न्यायाधीश अनिष दुबे के कोर्ट से यह फैसला आया। प्रकरण के मुताबिक घटना 6 अप्रैल 2025 को रामनवमी की सुबह की है।

ओम नगर उरला निवासी साढ़े छह साल की बच्ची अपने घर से नौ कन्या भोज के लिए तैयार होकर निकली थी। वह अपने घर से पहले अपने चाचा के घर गई थी, जहां पर उसे आखिरी बार सुबह करीब साढ़े 10 बजे देखा गया था। उसके बाद से बच्ची लापता हो गई थी। रात में करीब 8 बजे आरोपी के घर के बगल में खड़ी बादल नाम के युवक की कार में बच्ची की लाश मिली थी। 

जांच के बाद पुलिस ने बच्ची के चाचा को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपी चाचा सहित तीन लोगों के सैंपल का डीएनए टेस्ट कराया। जांच कराने के बाद प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। प्रकरण में शासन के तरफ से पैरवी अधिवक्ता रूपवर्षा दिल्लीवार ने की। उन्होंने बताया कि न्यायालय से सजा सुना दी है। ऑर्डर कॉपी फिलहाल उपलब्ध नहीं कराई गई है।

सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि,  पुलिस की जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि बायोलाजिकल एविडेंस के साथ डीएनए प्रोफाइलिंग कराई गई। आरोपी चाचा का डीएनए मैच हुआ। डीएनए रिपोर्ट के अलावा पुलिस को आरोपी के घर से खून के धब्बे मिले थे। आरोपी के कपड़ों में खून लगा मिला था। पुलिस ने उन्हें भी जब्त किया। इसके अलावा अन्य साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी चाचा को दोषी मानते हुए उसे फांसी की सजा सुनाई।

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