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हीराकुंड एक्सप्रेस के शौचालय को बनाया गांजा तस्करी का अड्डा, सुराग की तलाश में ओडिशा जाएगी जीआरपी

बिलासपुर। हीराकुंड एक्स्प्रेस के शौचालय की छत पर छिपाकर गांजा तस्करी के मामले में जीआरपी आरोपित तक पहुंचने की कोशिश करेगी। इसके लिए जल्द ही उनकी एक टीम ओड़िशा जाएगी। वहां पहुंचने के बाद अलग-अलग स्टेशनों में लगे कैमरों का फुटेज खंगालेगी। जीआरपी को उम्मीद है कि किसी न किसी स्टेशन में गांजा लेकर ट्रेन में चढ़ता आरोपित नजर आ जाएगा। हालांकि यह कार्य पेचिदा है लेकिन, जीआरपी को पूरा यकीन है कि सफलता जरुर मिलेगी।

विशाखापत्तनम-अमृतसर हीराकुंड एक्सप्रेस के एम-1 कोच के शौचालय की छत का पैनल फाल सिलिंग खोलकर उसमें 10 पैकेट गांजा छिपाकर तस्करी की जा रही थी। इस कोच में ड्यूटीरत टीटीई भीमसेन साहू को कुछ संदेह हुआ। संदिग्ध गतिविधि को ध्यान में रखकर उन्होंने रायगढ़ आरपीएफ कंट्रोल को जानकारी दी। जिस पर आरपीएफ सतर्क हो गई और ट्रेन पहुंचने के पहले जीआरपी के साथ प्लेटफार्म पर तैनात हो गई।

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रायगढ़ रेलवे स्टेशन में आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने ट्रेन की गहन जांच की। जांच के दौरान शौचालय की छत का पैनल खोलने पर उसमें छिपाकर रखे गए गांजे के 10 पैकेट बरामद किए गए। हालांकि मौके पर कोई भी आरोपित नहीं मिला, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो सका कि गांजा कहां से रखा गया था और इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था। जीआरपी ने मामले में अज्ञात आरोपित के खिलाफ धारा 20 बी नारकोटिक एक्ट के अंतर्गत अपराध दर्ज कर लिया है।

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मामला बड़ा है और आरोपित को पकड़ना किसी चुनौती से कम नहीं है। इसे ध्यान में रखते हुए जीआरपी ने इस घटना की गंभीरता के साथ जांच करने का निर्णय लिया है। जीआरपी को इतना तो यकीन है कि गांजा ओड़िशा के किसी एक स्टेशन से चढ़ाया गया है। वह स्टेशन कौन सा है, इसकी पुष्टि जांच से होगी। इसी वजह से उन्होंने ओड़िशा के अंतर्गत आने वाले सभी स्टेशनों के कैमरे की जांच करने की योजना बनाई है। इस जांच के दौरान सफलता मिलने की उम्मीद भी है।

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हीराकुंड एक्सप्रेस एलएचबी कोच के साथ चलती है। वर्तमान में जितनी भी ट्रेनें इस आधुनिक कोच के साथ चल रही है, उनके प्रत्येक कोच में कैमरे भी लगे हुए हैं। लेकिन, इस ट्रेन के संबंधित कोच में इसका अभाव है। जांच के दौरान जीआरपी ने सबसे पहले कैमरे की उपलब्धता ही देखी। उनका मानना है कि यदि कैमरे लगे होते तो अब तक जीआरपी आरोपित की पहचान कर गिरफ्तार करने की प्रक्रिया शुरू कर देती।

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तालचेर स्टेशन में सबसे पहले सफाईकर्मी की पड़ी नजर

जीआरपी की जांच में एक अहम जानकारी सामने आई है। शौचालय की फाल सिलिंग में गांजा छिपाने की जानकारी तालचेर स्टेशन में आई। यह स्टेशन ओड़िशा में हैं, जहां ट्रेन के सफाईकर्मी ने सबसे पहले खाकी रंग के पैकेट में बंद गांजा को देखा। बताया जा रहा है कि फाल सिलिंग का स्क्रू खोलकर गांजा छिपाया गया था। ट्रेन के परिचालन के दौरान झटका लगने पर स्क्रू गिर गया और फाल सिलिंग खुल गया। सफाईकर्मी ने इसकी जानकारी तत्काल टीटीई को दी और उन्होंने आरपीएफ कंट्रोल को जानकारी दी।

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