छत्तीसगढ़

पेपर लीक पर सरकार सख्त : सीएम साय ने बोले- परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

रायपुर। कृषि विवि में प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर शासन भी एक्शन मोड में आ गई है। पूरे मामले पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट कहा है कि प्रदेश में परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने या विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

प्रकरण की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। साथ ही प्रकरण में तेलीबांधा थाने में अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है। मामले की तकनीकी जांच में साइबर सेल की भी सहायता ली जा रही है, ताकि प्रश्नपत्र के प्रसारण की पूरी कड़ी का पता लगाया जा सके।

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गठित जांच समिति द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसारित प्रश्नपत्र और परीक्षा में उपयोग किए गए मूल प्रश्नपत्र का मिलान करने के साथ ही यह पता लगाया जाएगा कि प्रश्नपत्र सबसे पहले किस स्रोत से बाहर आया, किन माध्यमों से आगे प्रसारित हुआ और इसकी पहुंच कहां तक रही। पुलिस एवं साइबर सेल द्वारा उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर भी जांच आगे बढ़ाई जाएगी। संबंधित अधिकारियों को जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने और प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाने के निर्देश दिए गए हैं।

गौरतलब है, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी अर्थात कीट विज्ञान की परीक्षा 20 अगस्त को आयोजित की गई थी। प्रदेश के 27 कृषि महाविद्यालयों के लगभग 1,200 विद्यार्थी इस परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रसारित होने की शिकायत सामने आई थी।

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