बिलासपुर

घटनास्थल से 7 किलोमीटर दूर चेक डैम के पास बाप-बेटी की लाश, 24 घंटे बाद मिला शव, मां की पहले ही मिल चुकी है लाश

मुंगेली

नदी में डूबने से एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत हो गई है। इनमें दंपती और उनकी 9 साल की बेटी शामिल है। बेटी को बचाने के लिए मां-बाप भी नदी में कूद गए थे। घटना के कुछ देर बाद ही बच्ची की मां का शव मिला गया था। गुरुवार को बाप-बेटी का पता नहीं चल सका था। उनके शव शुक्रवार को करीब 24 घंटे बाद मिले हैं। बताया गया है ये हादसा गुरुवार को हुआ था। परिवार आगर नदी में बने एनीकट को पार कर रहा था। उसी दौरान मां से बेटी का हाथ छूट गया और बेटी नदी में गिर गई। घटना मुंगेली जिले के पथरिया थाना क्षेत्र के बरछा गांव की है। बगबुड़वा गांव निवासी उत्तरा मरावी (45) एनीटक को पार कर उसके नीचे गोंदला की जड़ी औषधि निकालता और बेचा करता था। वह गुरुवार सुबह करीब 9.30 बजे इसी काम से अपनी पत्नी रामेश्वरी (40) और 9 साल की बेटी अन्नपूर्णा के साथ वहां जा रहा था। इसी बीच बरछा एनीकट पार करते समय तेज बहाव में बच्ची का हाथ मां से छूट गया। उसे नदी में गिरते देख रामेश्वरी बचाने के लिए नीचे उतरी, लेकिन बहाव में फंस गई। दोनों को बचाने के लिए उत्तरा भी नदी में कूद पड़ा था। ग्रामीणों ने देखा तो दौड़कर मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद रामेश्वरी को निकाल लिया था, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दे दी। खबर मिलते ही पुलिस और गोताखोरों की टीम पहुंच गई थी और सभी की तलाश की जा रही थी। रामेश्वरी का शव हादसे के कुछ देर बाद ही मिल गया था। उत्तरा और अन्नपूर्णा का कुछ पता नहीं चल पा रहा था। गोताखोरों की टीम लगातार शाम तक दोनों की तलाश कर रही थी। गोताखोरों की टीम रात में लौट गई थी। इसके बाद शुक्रवार को एक बार फिर तलाश शुरू की गई। घटनास्थल से करीब 7 किलोमीटर दूर एक चेक डैम के पास से उत्तरा और अन्नपूर्णा का शव मिला है। जिले में पिछले 3 दिनों से लगातार बारिश जारी है। यहां की प्रमुख नदियां मनियारी और आगर उफान पर हैं। राजीव गांधी जलाशय में भी लबालब पानी भर गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी जिले में बारिश होगी।

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