छत्तीसगढ़जांजगीर चांपा

उच्च शिक्षा में बड़ा बदलाव: UGC ने लागू किए ‘समानता विनियम 2026’, हर कॉलेज में बनेगी इक्विटी कमेटी

जांजगीर चांम्पा। देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। भेदभाव पर सख्ती और समानता को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए University Grants Commission यानी यूजीसी ने 13 जनवरी 2026 को “उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने वाले विनियम, 2026” अधिसूचित किए हैं।

जांजगीर-चांपा जिला प्रशासन ने इन विनियमों का पूर्ण समर्थन किया है। प्रशासन का मानना है कि ये नियम निष्पक्ष, सुरक्षित और समावेशी शैक्षणिक वातावरण के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाएंगे।

See also  छत्तीसगढ़ में जांजगीर-चांपा सहित 5 नए मेडिकल कॉलेजों में भर्ती : 6 से 13 मई तक करें आवेदन, जानें पूरी डिटेल

ये विनियम National Education Policy 2020 की भावना के अनुरूप हैं, जिसमें शिक्षा में समावेशन और समान अवसर को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

अब हर कॉलेज और विश्वविद्यालय में Equal Opportunity Cell के साथ-साथ एक “समानता समिति” यानी Equity Committee का गठन अनिवार्य होगा। इस समिति में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, दिव्यांगजन और महिलाओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि हर वर्ग की आवाज़ निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बन सके।

See also  हंस ट्रैवल्स पर DRI की टीम ने मारा छापा, 10, 20 और 50 रुपये के नोटों से भरे बोरे बरामद

यह समिति भेदभाव से जुड़ी शिकायतों को प्राप्त करेगी और उनका त्वरित एवं निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करेगी।
एसडीएम, जांजगीर-चांपा ने कहा कि ये विनियम ऐसे शैक्षणिक परिसरों के निर्माण की दिशा में दूरदर्शी प्रयास हैं, जहां हर विद्यार्थी को उसकी पृष्ठभूमि से परे समान अवसर मिल सके।

वहीं बिलासपुर संभाग अध्यक्ष दीपक ने इसे शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव बताया। इंदू ने छात्राओं और महिलाओं के प्रतिनिधित्व को सराहनीय कदम कहा, जबकि रामेश्वर कश्यप ने इसे छात्रों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

See also  बड़ा हादसा: नहर में बहे तीन बच्चे, एक की मौत, दूसरे की हालत गंभीर

जिला प्रशासन का मानना है कि ये नियम केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि सोच में बदलाव का संकेत हैं। अब शिक्षा के मंदिरों में समानता, गरिमा और पारदर्शिता की नई संस्कृति विकसित होगी।

उच्च शिक्षा में समानता को लेकर अब नियम भी हैं और समर्थन भी। अब देखना होगा कि इन विनियमों का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन कितना प्रभावी होता है।

Related Articles

Leave a Reply