छत्तीसगढ़

स्वतंत्रता दिवस से पहले मिली आजादी : जेल के बाहर भावुक नजारा, 15 साल की सजा काट चुके 8 कैदी अंबिकापुर जेल से हुए रिहा

अंबिकापुर। स्वतंत्रता दिवस से पहले अंबिकापुर केंद्रीय जेल से 8 कैदियों को रिहा किया गया। लंबे समय से जेल में बंद इन कैदियों के लिए रिहाई का पल बेहद भावुक रहा। करीब 14 से 15 वर्षों तक जेल में रहने के बाद जब उन्होंने बाहर कदम रखा तो उनकी आंखें नम हो गईं। परिजनों और जेल अधिकारियों के बीच भी इस दौरान भावुक माहौल देखने को मिला।

जेल अधीक्षक के मुताबिक, सभी 8 कैदी आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे। जेल में लंबे समय के दौरान उनका व्यवहार और आचरण संतोषजनक रहा। इसी आधार पर जेल नियमावली की धारा 358 के तहत उनके मामलों की समीक्षा की गई। समीक्षा बोर्ड की सिफारिश के बाद उन्हें निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले रिहा करने का निर्णय लिया गया।

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अधीक्षक ने बताया कि समय पूर्व रिहाई की प्रक्रिया में संबंधित जिले के कलेक्टर और जेल अधीक्षक की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होती है। इन रिपोर्टों के आधार पर समीक्षा बार्ड कैदियों के आचरण और अन्य निर्धारित मापदंडों को देखते हुए रिहाई पर निर्णय लेता है। जेल प्रशासन ने अन्य बंदियों से भी नियमों का पालन करने और अच्छा आचरण बनाए रखने की अपील की है।

रिहा किए गए कैदियों ने जेल में रहते हुए विभिन्न कार्यों से जो पारिश्रमिक अर्जित किया था, वह भी उन्हें वापस किया गया। जिन कैदियों के बैंक खाते उपलब्ध थे, उनके खातों में राशि ट्रांसफर की गई, जबकि अन्य को चेक के जरिए भुगतान किया गया।

लंबे इंतजार के बाद जेल की चारदीवारी से बाहर निकले इन कैदियों के चेहरों पर राहत और भावुकता दोनों नजर आईं। परिजनों ने भी रिहाई के बाद उनका स्वागत किया। स्वतंत्रता दिवस से पहले मिली यह रिहाई इन कैदियों के लिए नई शुरुआत का अवसर बन गई।

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