Uncategorized

लोकसभा में कांग्रेस ने पूछा रफ़ाल गिराए के सेवक, सरकार ने दिया जवाब

नई दिल्ली

लोकसभा के मॉनसून सत्र में सोमवार को ऑपरेशन सिंदूर पर शुरू हुई बहस में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के बीच काफ़ी तीखे सवाल-जवाब हुए. विपक्ष शुरू से ही पूछ रहा है कि क्या भारत के रफ़ाल जेट्स पाकिस्तान ने मार गिराए थे? दरअसल पाकिस्तान ने भारत के पाँच रफ़ाल जेट्स मार गिराने का दावा किया था. भारत के सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने भी कुछ नुक़सान के संकेत दिए थे. इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी लड़ाकू विमान गिराए जाने की बात कही. लेकिन सरकार की तरफ़ से अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है.

ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल
गौरव गोगोई ने सरकार पर हमला करते हुए पूछा कि पाकिस्तान के ख़िलाफ़ शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर में भारत को कितने रफ़ाल जेट्स खोने पड़े.

गौरव गोगोई ने कहा, ”हमारे पास सिर्फ़ 35 रफ़ाल जेट्स हैं और अगर इनमें से कुछ मार गिराए गए तो मुझे लगता है कि यह बड़ा नुक़सान है.”

गोगोई भारत के चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ़ जनरल अनिल चौहान के बयान का हवाला दे रहे थे.

जनरल चौहान ने एक इंटरव्यू में कहा था कि भारत को शुरुआत में कुछ नुक़सान हुआ था, लेकिन उन्होंने इसकी पूरी जानकारी नहीं दी थी.

गोगोई ने सरकार से पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा, ”पहलगाम हमले के 100 दिन हो गए हैं, ऐसे में देश जानना चाहता है कि सरकार आतंकवादियों को न्याय के कठघरे में क्यों नहीं ला पाई.”

बहस के दौरान गोगोई ने पूछा, ”हम राजनाथ सिंह जी से आज जानना चाहते हैं कि हमारे कितने लड़ाकू विमान गिराए गए थे? हमें ना सिर्फ़ यह बात लोगों को बतानी चाहिए बल्कि जवानों को भी पता चलना चाहिए. उनसे भी झूठ बोला गया है.”

See also  Aviator Crash Game: Vittorie Veloci & Sessioni ad Alta Intensità

कितने रफ़ाल गिराए गए?
इससे पहले लोकसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना की प्रशंसा करते हुए कहा था, ”कुछ विपक्षी सदस्य पूछ रहे हैं कि कितने एयरक्राफ़्ट गिराए गए. मुझे लगता है कि यह सवाल हमारी राष्ट्रीय भावना के अनुरूप नहीं है. इन्होंने यह नहीं पूछा कि दुश्मनों के कितने एयरक्राफ़्ट गिराए गए.”

रक्षा मंत्री ने कहा था, ”इन्हें एक ये सवाल ज़रूर पूछना चाहिए कि क्या भारत ने आतंकवादी कैंप नष्ट किए और इसका जवाब हाँ है. अगर आप यह जानना चाहते हैं कि क्या ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा, तो इसका जवाब भी हाँ है. अगर आप यह जानना चाहते हैं कि क्या हमारे किसी भी सैनिक को नुक़सान हुआ तो इसका जवाब ना है. हमारे किसी भी बहादुर सैनिक को नुक़सान नहीं हुआ है.”

कांग्रेस सरकार से पहले भी पूछ रही थी कि भारत के कितने जेट्स ऑपरेशन सिंदूर के दौरान गिराए गए थे. हालाँकि सरकार ने अब तक इस सवाल का स्पष्ट रूप से जवाब नहीं दिया है.

बहस के दौरान लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने गृह मंत्री अमित शाह को भी निशाने पर लिया. गौरव गोगोई ने कहा कि पहलगाम हमले में सुरक्षा चूक की ज़िम्मेदारी अमित शाह को लेनी चाहिए. गौरव गोगोई ने ट्रंप के बयानों का ज़िक्र कर भी सरकार की आलोचना की.

See also  Sugar Rush Slot Review – Quick, High‑Intensity Candy‑Themed Action

गोगोई न कहा कि ट्रंप 26 बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने ट्रेड को लेकर धमकी दी थी और इसके बाद भारत-पाकिस्तान युद्धविराम के लिए तैयार हुए.

गोगोई ने कहा, “उड़ी के बाद पुलवामा हुआ तब प्रधानमंत्री ने कहा था कि हमने घर में घुस कर मारा और आतंकवादी कैंपों को नष्ट कर दिया.”

गोगोई ने कहा कि पीएम मोदी अब भी वही बात कर रहे हैं.

गोगोई ने कहा, ”सरकार कह रही है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी पूरा नहीं हुआ है और पाकिस्तान फिर से हमला करवा सकता है. ऐसे में यह ऑपरेशन कामयाब कैसे हो गया? ये ख़ुद कह रहे हैं कि उनका इरादा युद्ध का नहीं है. ये कह रहे हैं किसी इलाक़े पर नियंत्रण नहीं करना चाहते हैं. तो फिर पाकिस्तान के कब्ज़े वाला कश्मीर कब लेंगे? अब नहीं तो कब? सबसे भयावह आतंकवादी हमले इस सरकार में हुए हैं. विपक्ष मोदी से जानना चाहता है कि अगर पाकिस्तान घुटने के बल पर आ गया था तो उसके सरेंडर करने से पहले ऑपरेशन रोक क्यों दिया गया?”

जयशंकर का जवाब
गौरव गोगोई ने कहा, ”अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 26 बार दावा किया कि युद्धविराम के लिए ट्रेड बंद करने की धमकी दी थी. उन्होंने यह भी कहा कि पाँच से छह जेट्स मार गिराए गए थे. एक जेट करोड़ों रुपए का होता है, ऐसे में हम रक्षा मंत्री से सच्चाई जानना चाहते हैं. उन्हें जवाब देना चाहिए कि कितने फ़ाइटर जेट्स गिराए गए थे.

See also  Chicken Road Game: Mastering Quick Wins with Controlled Risk

ट्रंप के दावों के सवाल पर लोकसभा में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जवाब में कहा कि पीएम मोदी और ट्रंप के बीच 22 अप्रैल से 17 जून तक कोई बात नहीं हुई थी.

इस बीच विपक्ष ने जयशंकर को टोका तो गृह मंत्री अमित शाह ग़ुस्से में खड़े हुए और कहा कि क्या आप भारत के विदेश मंत्री, जिसने संविधान की शपथ ली, उनकी बातों पर भी भरोसा नहीं करेंगे?

अमित शाह ने कहा, ”मेरी एक बात की आपत्ति है. भारत का विदेश मंत्री बयान दे रहा है, उस पर भरोसा नहीं है. उनको किसी और देश पर भरोसा है. उनकी पार्टी में विदेश का महत्व क्या है, मैं समझ सकता हूँ. लेकिन आप पार्टी की सारी चीज़ें सदन में नहीं थोप सकते हैं. इसीलिए ये विपक्ष में बैठे हैं और 20 साल तक वहीं बैठेंगे.”

सामरिक मामलों के विशेषज्ञ ब्रह्मा चेलानी ने संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर जारी बहस को लेकर लिखा है, ”संसद में तीखी बहस में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि दुनिया के 193 देशों में से तीन देशों ने ही सात से 10 मई के बीच ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान का समर्थन किया. लेकिन कितने देशों ने भारत के सैन्य अभियान का समर्थन किया या इस टकराव की जड़, सीमा पार आतंकवाद को रेखांकित किया? इसका जवाब ही सच्चाई बताएगा. भारत प्रभावी रूप से सीमा पार आतंकवाद के ख़िलाफ़ अकेले लड़ रहा है. ”

Related Articles

Leave a Reply