छत्तीसगढ़

एकलव्य विद्यालय की छात्रा निहारिका नाग का कमाल, ‘उद्भव 2025’ में स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का नाम किया रोशन

रायपुर। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शंकरगढ़ की होनहार छात्रा निहारिका नाग ने वह कर दिखाया है, जिसका सपना हर विद्यार्थी देखता है. साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाली यह बाल प्रतिभा आज अपने हुनर से न सिर्फ जिले का, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय मानचित्र पर रोशन किया है.

निहारिका ने आंध्र प्रदेश में आयोजित 6 वीं ईएमआरएस राष्ट्रीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कला उत्सव ‘उद्भव 2025’ में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया. लगातार दोहरा स्वर्ण पदक जीतकर निहारिका ने अपने विद्यालय और छत्तीसगढ़ राज्य का मान बढ़ाया है.

See also  जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेले का आयोजन अगले माह

शंकरगढ़ की कक्षा 11वीं की छात्रा निहारिका नाग को एकलव्य विद्यालय में प्रवेश के बाद अपनी मिट्टी कला सामर्थ्य को निखारने का सुनहरा अवसर मिला, जहां विद्यालय के बेहतर माहौल, उपलब्ध संसाधनों और विशेषज्ञों के प्रशिक्षण ने उनके सपनों को मजबूती दी.

निहारिका ने पहले जगदलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अपने कला कौशल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता. यह जीत उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान देने में सहायक साबित हुई.

See also  साय कैबिनेट की बैठक: साल 2026-27 के लिए आबकारी नीति मंजूर, SVKM को नवा रायपुर में 40 एकड़ जमीन देने का निर्णय

शिक्षकों का मार्गदर्शन बना सफलता की नींव

निहारिका के इस सफलता के पीछे उनके कला शिक्षक राहुल जंघेल की प्रेरणा और विद्यालय के प्राचार्य संजय कुमार तिर्की का सतत् सहयोग और मार्गदर्शन रहा. निहारिका ने साबित कर दिखाया कि प्रतिभा को बस सही मंच की जरूरत होती है. निहारिका की बचपन से ही मिट्टी कला के प्रति गंभीर रुझान रखती थीं और विद्यालय ने उनकी इस प्रतिभा को ऊंचाई तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

See also  जशपुर पुलिस ने 55 लाख से अधिक का गांजा पकड़ा: ओडिशा के मलकानगिरी से लेकर जा रहे थे उत्तर प्रदेश, दो तस्कर गिरफ्तार

मेहनत और मार्गदर्शन से बनती है नई पहचान

निहारिका की इस उपलब्धि से बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में उत्साह का माहौल है. निहारिका की सफलता उन विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा स्रोत है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद ऊंचे सपने देखते हैं. निहारिका नाग की तरह मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन से कोई भी विद्यार्थी राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकता है.

Related Articles

Leave a Reply