छत्तीसगढ़

सावधान: मुफ्त बिजली का सपना पड़ न जाए महंगा! सोलर पैनल लगाने के बाद भी आया 21 हजार का बिल

महासमुंद। जिले के बागबाहरा ब्लॉक के पटपरपाली गांव से केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्यघर: मुफ्त बिजली योजना को लेकर एक गंभीर शिकायत सामने आई है। गांव के निवासी जगत कुमार गुप्ता ने आरोप लगाया है कि सोलर कंपनी की लापरवाही और गड़बड़ी के कारण उन्हें बिजली का भारी बिल भरना पड़ रहा है। जबकि योजना के तहत 10 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगाने के बाद बिजली बिल लगभग शून्य होना चाहिए था।

पीड़ित जगत कुमार गुप्ता के अनुसार, रायपुर की जीडीए सोलर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने उनके घर पर 10 किलोवाट का रूफटॉप सोलर पैनल लगाया। कंपनी ने दावा किया था कि इस सिस्टम से घर की जरूरत से ज्यादा बिजली पैदा होगी और नेट मीटरिंग के जरिए बिजली बिल शून्य या नेगेटिव हो जाएगा।

See also  SI के बेटे की मौत : 5 दिन पहले डीजल और कबाड़ चोरों ने की थी पिटाई, समाज ने अंतिम संस्कार को लेकर रखी मांग

लेकिन सोलर सिस्टम लगने के बाद भी उन्हें करीब 21 हजार रुपये का बिजली बिल थमा दिया गया। इतना ही नहीं बिजली विभाग की ओर से बिल वसूली के लिए लोक अदालत का नोटिस भी जारी कर दिया गया है। इससे परेशान होकर शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जांच की मांग की है।

जगत गुप्ता का आरोप है कि कंपनी ने सोलर सिस्टम का सही इंस्टॉलेशन, ग्रिड कनेक्शन और मीटर सिंक्रोनाइजेशन ही नहीं किया। यही वजह है कि सोलर पैनल लगाने के बावजूद उन्हें सामान्य उपभोक्ता की तरह बिजली बिल देना पड़ रहा है। उन्होंने कई बार कंपनी से शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला।

See also  डायल 112 बनी फरिश्ता! एम्बुलेंस में हुआ प्रसव, मां और नवजात की बची जान

पीड़ित ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की तकनीकी जांच कराई जाए और यदि गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि अन्य उपभोक्ता इस तरह की ठगी का शिकार न हों।

वहीं इस पूरे मामले को लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि सोलर सिस्टम और नेट मीटरिंग की प्रक्रिया पूरी तरह से तकनीकी मानकों के अनुसार नहीं होती है तो बिलिंग में समस्या आ सकती है। विभाग का कहना है कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच की जाएगी।

See also  तालाब से निकले मगरमच्छ के 6 बच्चे : वन विभाग ने सुरक्षित रेस्क्यू कर डैम में छोड़ा

फिलहाल इस मामले ने पीएम सूर्यघर योजना के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग जांच के बाद क्या कार्रवाई करते हैं।

Related Articles

Leave a Reply