छत्तीसगढ़

सांप के डसने पर झांड़-फूंक कराने नहीं, सीधे पहुंचे अस्पताल, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवायजरी

रायपुर। बारिश का मौसम शुरू होते ही वातावरण में नमी और उमस बढ़ जाती है. बरसात का पानी सांप बिच्छू के बिलों में जाने से वे बारह भोजन की तलाश में अक्सर हमारे निवास पर चले आते हैं और कभी -कभी लोगों को डस भी लेते हैं. इसलिए बारिश के मौसम में सर्प दंश की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं. लेकिन सांप के डसने पर कुछ लोग ओझा-बैगा के झाड़-फूंक कराने चले जाते हैं, जिससे पीड़ित को उचित इलाज नहीं मिलता और उनकी मौत हो जाती है. जबकि सांप दंश के मामले में सबसे पहले हमें सीधे नजदीकी अस्पताल पहुंचकर ईलाज कराना चाहिए.

See also  NHM कर्मचारियों को बड़ी सौगात : सीएम साय ने हड़ताल के दौरान रुका वेतन देने का किया ऐलान, स्वास्थ्य मंत्री ने की 27% लंबित वेतन वृद्धि

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से झाड़-फूंक जैसे अंधविश्वास से बाहर आ कर सर्पदंश की स्थिति में अस्पताल में अपना उपचार कराने की  अपील की है. विभाग के अनुसार विषैले सर्पों के काटने का इलाज अस्पतालों में उपलब्ध एंटीवेनम से ही होता है.  किसी प्रकार के झाड़-फूँक करवाने से यह ठीक नहीं हो सकता बल्कि इसमें समय गंवा देने पर अक्सर पीड़ित व्यक्ति गंभीर हो जाता है और बाद में अस्पताल लाने पर चिकित्सकों को उस मरीज पर बहुत मेहनत करनी पड़ती है.

See also  गरीबों के आशियाने पर चला बुलडोजर, परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर

कई प्रकरणों में विष पूरे शरीर में फैल जाता है जिस कारण जान बचाना भी काफी मुश्किल रहता है. इसलिए ऐसे प्रकरणों में तत्काल अस्पताल जाना ही सही है जहां इसका निःशुल्क इलाज किया जाता है.

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार  सर्पदंश की स्थित में मरीज को घबराने नहीं देना है क्योंकि इससे हृदय गति बढ़ने से विष तेजी से फैलता है. काटे गए अंग को हिलाना नहीं है और न ही कोई कड़ा कपड़ा बांधना है. नजदीक के अस्पताल में तुरंत ले जाएं.

See also  जमीन कब्जा दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप, प्रधान आरक्षक सस्पेंड

घर से बाहर जाने और उस जगह पर रोशनी कम होने पर टार्च लेकर जाएं और जूते पहनें, आसपास सफाई रखें और कक्ष में भोजन सामग्री ,धान आदि न रखें जिससे चूहे न आने पायें.

Related Articles

Leave a Reply